चीत्कार के बीच ईश्वर का चमत्कार: गर्भवती को ट्रक ने कुचला, महिला की मौत, शिशु का बचा जीवन

यूपी के फिरोजाबाद की घटना, गर्भवती महिला के पेट के ऊपर से गुजर गया ट्रक, महिला की मौके पर ही मौत, लेकिन गर्भ में पल रही बच्ची की जान बची, बाद में विवाहिता के चाचा ने भी सदमे में तोड़ा दम
चीत्कार के बीच ईश्वर का चमत्कार: गर्भवती को ट्रक ने कुचला, महिला की मौत, शिशु का बचा जीवन

यूपी के फिरोजाबाद में दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है । ट्रक गर्भवती महिला के ऊपर से गुजरा। हादसे में महिला का पेट फट गया। उसके गर्भ में पल रही बच्ची 5 फीट दूर जाकर गिर गई। जिसने भी इस घटना को देखा उसकी आत्मा कांप उठी। महिला के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। लोगों ने पास जाकर देखा तो बच्ची सुरक्षित थी।

मेरी बच्ची रो रही थी

गर्भवती महिला अपने पति के साथ मायके जा रही थी। हादसे के बाद पति रामू ने कहा कि ट्रक मेरी आंखों के सामने कामिनी के ऊपर से गुजर गया । पत्नी की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। उसके शरीर में कुछ भी नहीं बचा था। वहीं मेरी बच्ची रो रही थी ।

उधर, महिला की मौत की खबर मिलते ही उसके चाचा की सदमे से मौत हो गई । 20 जुलाई की शाम को महिला और उसके चाचा का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

फिरोजाबाद जा रहे थे दोनो

आगरा जिले के धनौला निवासी रामू बुधवार को पत्नी कामिनी के साथ बाइक से ससुराल जा रहा था । उसकी ससुराल फिरोजाबाद के नरखी थाना क्षेत्र स्थित वजीरपुर कोटला में है । उन्होंने बताया, 'पत्नी 9 महीने की गर्भवती थी। बुधवार सुबह उसने मुझसे कहा कि, मुझे घर ले आओ। परिवार के सदस्य लापता। मैं बच्चा होने के बाद 4 महीने तक नहीं जा पाऊंगी। मैंने उसे 9 बजे बाइक पर छोड़ दिया। घर से ससुराल की दूरी 40 किलोमीटर होगी।

बाइक को पीछे से टक्कर मारी

रामू ने कहा, "कुछ देर चलने के बाद कामिनी ने चाय मांगी। हमने ढाबे पर चाय पी। उसके बाद हम मुश्किल से 5 किमी चले होंगे, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के कारण, कामिनी बाइक से गिर गई।"

रामू ने कहा, ''दुर्घटना के बाद मेरे होश उड़ गए । मैं अपनी पत्नी को देख रहा था । तभी वहां से गुजर रहे लोगों ने मेरी बच्ची को उठाया । मैं उसे ले कर बैठा था । फिर कुछ लोग उसे जिला अस्पताल ले गए । एंबुलेंस के बाद आया, मैं अपनी पत्नी का पार्थिव शरीर लेकर अस्पताल पहुँचा। वहाँ मैंने अपने परिवार वालों से कहा, कामिनी नहीं रही। शादी को 3 साल हो चुके हैं। यह हमारी पहली संतान है।"

हादसे की खबर सुनते ही महिला के चाचा की भी मौत हो गई।

इस हादसे की खबर सुनते ही महिला के कैंसर सर्वाइवर चाचा कालीचरण की भी सदमे में हार्ट अटैक से मौत हो गई । परिजनों ने बताया कि चाचा लंबे समय से बीमार चल रहे थे। इसलिए पहले उन्हें कामिनी की मौत के बारे में नहीं बताया गया।

कामिनी ने सुबह अपने चाचा से बात की थी। यही वजह है कि जैसे ही चाचा को पता चला की कामिनी इस दुनिया में रही है, उनकी सदमे से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि बुधवार शाम को ही कामिनी और चाचा दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया ।

बच्ची के पेट में अंदरूनी चोट

जिला अस्पताल के के डॉक्टर का कहना है कि बच्ची पहले से बेहतर है । गिरने के कारण उसके पेट में अंदरूनी चोट आई है। गुरुवार सुबह बच्ची को दूध दिया गया है । वह तब तक अस्पताल में रहेगी जब तक वह दूध को पचा नहीं लेती।

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