स्मार्टफोन कंपनी Oppo को झटका, 5जी स्मार्टफोन की लॉन्चिंग करनी पड़ी रद्द

भारत-चीन विवाद के बीच भारत में कई व्यापारियों ने चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने का फैसला किया
स्मार्टफोन कंपनी Oppo को झटका, 5जी स्मार्टफोन की लॉन्चिंग करनी पड़ी रद्द

न्यूज़- लद्दाख में भारत-चीन की सेनाओं के तनाव के बीच जिस तरह से देश के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए उसके बाद भारत में चीनी उत्पादों का बहिष्कार तेज हो गया है। चीनी स्मार्टफोन कंपनी ओप्पो ने चीनी उत्पादों के बहिष्कार फ्लैगशिप स्मार्टफोन के लाइव ऑनलाइन लॉन्च को रद्द कर दिया है, भारत-चीन विवाद के बीच, भारत में कई व्यापारियों ने चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने का फैसला किया है, जिसके कारण चीनी मोबाइल कंपनी ने यह निर्णय लिया है।

भारत में चीन की निवेशक कंपनियां चिंतित

जिसका सीधा असर चीन की बड़ी-बड़ी कंपनियों और भारत में चीनी कंपनियां जिन्होंने निवेश किया है, उनपर पड़ रहा है। ये तमाम चीनी कंपनियां कोरोना संक्रमण के बाद भारत-चीन सीमा विवाद के चलते बड़े नुकसान को लेकर चिंतित हैं। चीन की बड़ी कंपनियां ग्रेट वॉल, साइक, बाइटेंडेंस ने भारत में बड़ा निवेश किया है और इनमे से कई कंपनियों में चीन की सबसे बड़ी कंपनी अलीबाबा ने भी निवेश किया है। चीन के स्मार्ट फोन ब्रांड ओप्पो, शाओमी भारत के तकरीबन हर घर में हैं। भारत में बिकने वाले हर 10 स्मार्टफोन में से 8 स्मार्टफोन चीनी कंपनी के हैं।

आज शाम 4 बजे यूट्यूब पर लॉन्चिंग थी

ओप्पो कंपनी ने हाल ही में कहा था कि वह अपने स्मार्ट फोन Find X2 मॉडल को बुधवार को लाइव लॉन्च करेगी। बुधवार को यूट्यूब लिंक पर शाम 4 बजे इस फोन को लॉन्च किया जाना था, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है। कंपनी ने फोन को लॉन्च करने की बजाए एक 20 मिनट का पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो साझा किया है, जिसमे ओप्पो कंपनी द्वारा भारत को कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में क्या मदद की गई है, इसकी जानकारी दी गई है।

सोश्यल मीडिया पर आलोचना से बचने के लिए उठाया कदम

हालाँकि, ओप्पो द्वारा यह लॉन्च क्यों रद्द किया गया है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन कंपनी के एक अधिकारी का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी आलोचना से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है। बता दें कि चीन के साथ तनाव के मार्च-अप्रैल के पहले महीने में भारत ने पड़ोसी देशों के विदेशी निवेशकों के लिए अपनी नीति में बदलाव किया, जिसे लेकर चीनी निवेशक नाराज थे। दरअसल, भारत ने फैसला किया है कि अब वह चीन से आने वाले सभी निवेशों की जांच करेगा।

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