एक ऐसा शख्स जो अब कभी बीजेपी मुख्यालय लौटकर नहीं आएगा..

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और वंसुधरा राजे ने शोक सवेंदना व्यक्त की।
एक ऐसा शख्स जो अब कभी बीजेपी मुख्यालय लौटकर नहीं आएगा..

जयपुर – राजस्थान बीजेपी के एक ऐसे नेता जो पुरे जीवन में सादगी से भरे रहे, हमेशा अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा। मदन लाल सैनी भारतीय जनता पाटी के एक ऐसे नेता थे जो पाटी को ही अपना सबकुछ मानते थे,

मदन लाल सैनी कई दिनों से बीमार थे, पिछले सप्ताह ही उन्हें शुक्रवार को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। उससे पहले जयपुर के एक निजी हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सैनी का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचीं थीं। उन्हे फेफड़ों में इंफेक्शन की शिकायत थी।

मदन लाल सैनी का जन्म 13 जुलाई 1943 में सीकर में हुआ था। वह जनसंघ के समय से राजनीति में सक्रिय थे। सैनी झुंझुनूं के गुढ़ा (उदयपुरवाटी) विधानसभा से विधायक भी रहे। इसके बाद इन्होंने झुंझुनूं लोकसभा सीट से सांसद का चुनाव लड़ा, वे वंहा से हार गये लेकिन हार का अंतर बहुत कम था।

मदन लाल सैनी भारतीय मजदूर संघ के साथ भी जुड़े थे, वे हमेशा किसानों की आवाज बनते थे और किसानों की आवाज उठाने में सबसे आगे रहे। भारतीय जनता पाटी के किसान मोर्चो में राज्य महामंत्री भी रहे।

मदन लाल सैनी भाजपा प्रदेश महामंत्री, अनुशासन समिति के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।

पिछले वर्ष बीजेपी में राजस्थान अध्यक्ष को लेकर काफी विवाद रहा था। लेकिन केंद्र और राज्य ने बीजेपी आलाकमान ने मिलकर ऐसा नाम निकाला जिस पर दोनों राजी हुए ओर वो नाम था मदन लाल सैनी, आखिरकार मदन लाल सैनीजून 2018 में राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष बनाए गए। राजस्थान विधानसभा चुनावों में बीजेपी मदन लाल सैनी के नेतृव्य में उतरी हालाकि विधआनसभा चुनावों में बीजेपी हार गयी।

लेकिन मदन लाल सैनी ने हार नही मानी और लोकसभा चुनावों में एक बार फिर टीम को लेकर मैदान में उतरे और बीजेपी को शानदार जीत दिलाई। 2014 की तरह ही 2019 में राजस्थान से पूरी सभी सीटें जीतकर मोदी को फिर पीएम बनाया। सरदार पटेल स्मारक मे प्रदेश संयोजक और भाजपा अनुशासन समिति मे चेयरमैन रहे।

सन् 1990 मे गुढा से विधायक बने। झुंझुनूं से 1991 और 1998 में लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2008 उदयपुरवाटी से विधानसभा चुनाव हारे। मार्च 2018 मे राज्यसभा सदस्य बने। इसके बाद जून 2018 में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बीजेपी राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष के निधन पर राजनीतिक दलों ने शौक व्यक्त किया। वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शोक सवेंदना व्यक्त की।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायउट सहित कांग्रेस के कई नेताओं ने जयपुर बीजेपी कार्यालय पहुंचकर प्रार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रंद्धाजंलि दी।

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