अनियंत्रित गिट्टी से भरा ट्राला कच्चे मकान पर गिरा, 4 की मौत माता-पिता घायल

घर में फैले गिट्टी को हटाना शुरू किया, पहले अंकल सामने आए, इसके बाद गिट्टी हटाने के काम में और तेजी लाई गई, इसी बीच आंटी नेहा की आवाज आ गई, उन्हें बाहर निकालने के बाद तीनों बच्चों की तलाश शुरू हुई, इसमें एक घंटे से अधिक समय लगा, ट्राला में करीब 10 ट्राली गिट्टी भरी हुई थी
अनियंत्रित गिट्टी से भरा ट्राला कच्चे मकान पर गिरा,  4 की मौत माता-पिता घायल

डेस्क न्यूज़- दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र के अंजनी टपरिया गांव में अनियंत्रित गिट्टी से भरी ट्राला सड़क किनारे कच्चे मकान पर पलट गई, इसमें दो भाई, एक बहन समेत चार लोगों की मौत हो गई, मृतक भाई-बहनों के माता-पिता की हालत नाजुक बनी हुई है, मृतकों में एक व्यक्ति की शिनाख्त नहीं हो पाई है, बताया जा रहा है कि वह ट्रॉली में सवार था, इसके अलावा ट्राला चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया।

रात करीब 11 बजे एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया

रात करीब 11 बजे घायलों को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, इनमें आकाश पुत्र हरिराम अहिरवाल 17, मनीषा पुत्र हरिराम 19, ओंकार पुत्र हरिराम 16 व एक अज्ञात युवक को डॉ. विशाल शुक्ला ने मृत घोषित कर दिया, नेहा पत्नी हरिराम अहिरवाल और हरिराम पुत्र भूरा अहिरवाल 35 का इलाज चल रहा है। हादसे में ट्रक चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका भी इलाज चल रहा है।

हरिराम के कच्चे मकान पर पलटा

घायल हरिराम की चचेरी बहन कोमल ने बताया कि रात करीब साढ़े आठ बजे गिट्टी से लदी ट्रॉली बटियागढ़ की ओर से हट की ओर जा रही थी, हरिराम के कच्चे मकान पर पलटा, सभी लोग घर के अंदर थे, जो ट्राला की चपेट में आ गए, घायलों के जिला अस्पताल पहुंचते ही देहात पुलिस, कोतवाली पुलिस समेत भारी संख्या में पुलिस बल जिला अस्पताल पहुंच गया, हंगामे को देखते हुए एहतियात के तौर पर गेट के पास पुलिस तैनात कर दी गई, रात करीब साढ़े 11 बजे पथरिया विधायक रामबाई भी घायलों का हाल जानने जिला अस्पताल पहुंचीं।

एक तेज आवाज आई और हम उस दिशा में भागे

चश्मदीद राघवेंद्र अहिरवाल के मुताबिक रात करीब 8:15 बजे मौसी बीड़ी बना रही थीं, पास में ही चाचा बैठे थे, तीनों बच्चे आकाश (17), मनीषा (19), ओंकार (16) घर की दीवार के पास सो रहे थे, मैं अपने घर के पास खड़ा था, इसी बीच एक तेज आवाज आई और हम उस दिशा में भागे जहां से आवाज आई थी, आसपास मौजूद लोग भी मौके की ओर दौड़ पड़े, मैंने देखा तो मामा हरिराम के कच्चे घर पर गिट्टी से भरी ट्राला पड़ी थी, गिट्टी पूरे घर में बिखरी हुई थी, हम दौड़ कर घर की ओर भागे और परिजनों की तलाश करने लगे।

ट्राला में करीब 10 ट्राली गिट्टी भरी हुई थी

घर में फैले गिट्टी को हटाना शुरू किया, पहले अंकल सामने आए, इसके बाद गिट्टी हटाने के काम में और तेजी लाई गई, इसी बीच आंटी नेहा की आवाज आ गई, उन्हें बाहर निकालने के बाद तीनों बच्चों की तलाश शुरू हुई, इसमें एक घंटे से अधिक समय लगा, ट्राला में करीब 10 ट्राली गिट्टी भरी हुई थी, अगर घर पर और गिट्टी नहीं फैली होती तो तीनों बच्चों की जान बच जाती।

1 घंटे तक गिट्टी में दबे परिवार के सदस्य

ग्रामीणों के अनुसार ट्राली पर गिट्टी भरी हुई थी। पलटने पर पूरा गिट्टी पूरे घर में बिखरी हुई थी। जिससे परिवार के सभी सदस्य दब गए। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से गिट्टी को हटाया गया। इसके बाद सभी घायलों को बाहर निकाला गया। काफी समय लगा और तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यहां जिला अस्पताल पहुंचे पथरिया विधायक का कहना है कि ऐसे मार्गों पर ट्रकों की ओवरलोडिंग की जांच होनी चाहिए. दमोह। जिला अस्पताल में घायलों को एंबुलेंस से उतारते कर्मचारी।

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