Rajasthan: पेपर माफियाओं पर नहीं अवैध निर्माण पर हुई कार्रवाई!

रघुवीर सैनी ने कहा हमने बिल्डिंग मालिक अनिल अग्रवाल और कोचिंग संचालक भूपेन्द्र सारण, सुरेश ढाका, धर्मेंद्र चौधरी सहित को नोटिस जारी करके 8 जनवरी तक जवाब पेश करने का समय दिया था। अधिकारियों का कहना है कि सर्विस रोड पर अवैध कब्जा करके बनाए गए निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई।
Rajasthan: पेपर माफियाओं पर नहीं अवैध निर्माण पर हुई कार्रवाई!

जयपुर में अवैध कोचिंग सेंटर पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। जेडीए प्रशासन ने इमारत को जमींदोज कर दिया है। सबसे पहले सर्विस रोड पर अवैध कब्जा करके बनाए गए निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई थी। जेडीए के एन्फोर्समेंट विंग के चीफ रघुवीर सैनी ने बताया- हमने टेक्निकल टीम से तीन दिन पहले बिल्डिंग की जांच करवाई थी।

इसमें पाया गया था कि बिल्डिंग जेडीए से बिना अनुमति और बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करके बनाई गई है। बता दें कि राजस्थान में सेकेंड ग्रेड टीचर परीक्षा पेपर लीक केस में इस भवन में संचालित होने वाली कोचिंग सेंटर से ही पेपर लीक होने का आरोप है। पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी सुरेश ढाका और भूपेंद्रसारण अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

सवा 2 घंटे में धाराशाई हुई बिल्डिंग

जयपुर जेडीए ने इस 5 मंजिला बिल्डिंग को सवा दो घंटे में जमींदोज कर दिया। सुबह करीब 7:30 बजे टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान टीम के साथ 1 पोकलेन मशीन, 3 जेसीबी मशीन, 12 लोखंडा, 3 ड्रिल और 2 कटर मशीन के साथ 30 से ज्यादा लेबर थी। जिन्होंने सवा दो घंटे के अंदर पूरी बिल्डिंग को धराशाई कर दिया।

अब तक 55 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार पेपर लीक मामले में गहलोत सरकार अब तक 55 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पिछली 16 भर्ती परीक्षाओं में नकल के आरोपों से घिरी गहलोत सरकार अपनी साख बचाने में लगी है। जयपुर में बुलडोजर की कार्रवाई कार्रवाई भी सरकार की इसी रणनीति के तहत बताई जा रही है।

सबसे पहले सर्विस रोड पर अवैध कब्जा करके बनाए गए निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई थी। जेडीए के एन्फोर्समेंट विंग के चीफ रघुवीर सैनी ने बताया- हमने टेक्निकल टीम से तीन दिन पहले बिल्डिंग की जांच करवाई थी। इसमें पाया गया था कि बिल्डिंग जेडीए से बिना अनुमति और बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करके बनाई गई है। ये इमारत दो आवासीय प्लॉट को जोड़कर बनाई गई है, जबकि इसका कॉमर्शियल उपयोग हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पूरी जांच के बाद हमने बिल्डिंग मालिक अनिल अग्रवाल और कोचिंग संचालक भूपेन्द्र सारण, सुरेश ढाका, धर्मेंद्र चौधरी सहित को नोटिस जारी करके 8 जनवरी तक जवाब पेश करने का समय दिया था। इसी के चलते आज हमने कार्रवाई शुरू की है।

10 साल पुरानी है बिल्डिंग जानकारी के अनुसार पेपर लीक के आरोपी सुरेश ढाका की जिस इमारत में कोचिंग चल रही है, वो बिल्डिंग 10 साल पुरानी है। तीन अन्य सेटबैक का उल्लंघन कर गुर्जर की थड़ी चौराहा पर 4 मंजिला इमारत बना ली गई। अब जब पेपर लीक का मामला सामने आया है तो उत्तर प्रदेश की तर्ज पर यहां भी गहलोत सरकार ने बुलडोजर का तरीका अपनाया है।

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