Jaipur: सिरफिरे युवक ने नाबालिग से की छेड़छाड़, बात नहीं करने पर एसिड फेकने की धमकी दी

रोजाना आरोपी किशोरी के रास्ते में आता और बात करने लगता, जब किशोरी इसका विरोध करती तो मारने की धमकी देता तंग आकर परिजनों के साथ थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई
Jaipur: सिरफिरे युवक ने नाबालिग से की छेड़छाड़, बात नहीं करने पर एसिड फेकने की धमकी दी

राजधानी जयपुर में नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। एक सनकी की वजह से नाबालिग लड़की को परेशान होना पड़ा कई दिनों से किशोरी उसे नजरअंदाज करती आ रही थी। लेकिन सिरफिरे के नापाक इरादों को देखते हुए उसे आखिरकार मंगलवार को पिता के साथ मामला दर्ज कराना पड़ा बदमाश ने उस पर एसिड फेंकने की धमकी दी है।

अब एसिड बेचने के बाद अगर कोई एसिड का गलत इस्तेमाल करता है या फिर उससे किसी को नुकसान पहुंचाता है तो उसके लिए भी कड़ा कानून बनाया गया है. हालांकि कानून के बावजूद ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं. इस अपराध को आईपीसी की धारा 326 के तहत दर्ज किया जाता है, बाद में इसे 326ए और 326 बी में बांटा गया. 326ए के मुताबिक एसिड अटैक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और गैरजमानती अपराध है. इसके तहत अधिकतम उम्रकैद और न्यूनतम 10 साल तक की सजा हो सकती है. इसके अलावा 326बी में उनके खिलाफ मामला दर्ज होता है जो एसिड अटैक की कोशिश करते हैं. इस मामले में न्यूनतम पांच साल तक की सजा का प्रावधान है. ऐसे मामलों में आरोपी और विक्रेता पर भारी जुर्माना (50 हजार तक) भी लगाया जा सकता है, जिसकी पूरी रकम पीड़िता को दी जाती है.

जब आरोपी लगातार किशोरी से बात करने के लिए फाॅर्स करता रहा तो तंग आकर किशोरी ने परिजनों के साथ करधनी थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।

 तेजाब बेचने को लेकर क्या हैं नियम?

तेजाब बेचने को लेकर काफी सख्त नियम हैं और इनका उल्लंघन करने पर सख्त सजा का भी प्रावधान है. इसके बावजूद देखा गया है कि खुलेआम किराने की दुकानों और बाकी जगह इसकी बिक्री होती है और दुकानदार तमाम नियमों की धज्जियां उड़ाकर लोगों की जान से खेलने का काम करते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में दिए अपने फैसले में तेजाब बेचने को लेकर कई निर्देश दिए थे. जिनके मुताबिक... 

  • विक्रेता को तेजाब खरीदने वाले का नाम, पता और तेजाब की मात्रा का रिकॉर्ड रखना होगा. पूछे जाने पर ये जानकारी सौंपनी होगी.

  • भारत सरकार की तरफ से जारी आईडी प्रूफ की जांच के बगैर तेजाब नहीं बेचा जा सकता है. खरीदने वाले से इसकी कॉपी लेना जरूरी है.

  • अगर कोई दुकान पर तेजाब खरीदने आता है तो उससे ये भी पूछना जरूरी है कि वो किस मकसद से तेजाब खरीद रहा है.

  • तेजाब बेचने वाले को हर 15 दिन में स्थानीय एसडीएम को अपने स्टॉक की जानकारी देनी होगी. इसमें वो जानकारी भी शामिल होगी कि कहां कितना तेजाब दिया गया है.

  • 18 साल से कम उम्र के लोगों को किसी भी हाल में तेजाब नहीं दिया जा सकता है.

  • तेजाब बेचने वाले विक्रेता के पास इसका लाइसेंस होना जरूरी है. इसके अलावा उसे पॉइजन एक्ट के तहत रजिस्टर होना जरूरी है. हर साल लाइसेंस रिन्यू करवाना होगा. 

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