Rape Case : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद,CI KP सिंह गिरफ्तार, 2020 में नशीला पदार्थ पिला किया था दुष्कर्म

2020 में महिला की शिकायत पर दर्ज मामले की पहले सीआई ने जांच की और फिर अपर डीसीपी पश्चिम बजरंग सिंह जाँच सौंपी गयी। लेकिन इस बीच पुलिस ने आरोपी केपी सिंह को गिरफ्तार नहीं किया।
के पी सिंह को दो सप्ताह में सरेंडर करने के आदेश दिए। सरेंडर नहीं करने पर जयपुर पुलिस को उसे गिरफ्तार करने के आदेश दिए।
के पी सिंह को दो सप्ताह में सरेंडर करने के आदेश दिए। सरेंडर नहीं करने पर जयपुर पुलिस को उसे गिरफ्तार करने के आदेश दिए।

जयपुर, राजस्थान पुलिस के सीआई केपी सिंह को एक महिला से रेप के मामले में गिरफ्तार किया गया है। दुष्कर्म पीड़िता पिछले 2 साल से न्याय के लिए दर-बदर भटक रही थी। लेकिन पुलिस महकमे में CI साहब का वर्चस्व इतना था की कोई कार्रवाही नहीं होने दी। यहाँ तक जब बात गिरफ्तारी तक की आने लगी तो High Court से अग्रिम जमानत ले आये और गिरफ्तारी पर रोक लग गयी। लेकिन पीड़िता ने यहाँ भी हार नहीं मानी और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कल देर रात 12:40 पर करणी विहार थाने ने गिफ्तारी दर्ज की।

2020 में आरोपी kp सिंह की गिरफ्तारी होने लगी तो ले आया अग्रिम जमानत
2020 में आरोपी kp सिंह की गिरफ्तारी होने लगी तो ले आया अग्रिम जमानत
KP सिंह की पत्नी ने दबाव बनाने के लिए पीड़िता के पति पर फर्जी मुकदमा किया। पीड़िता के पति पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए गए और मुकदमा दर्ज करवाया। तत्पश्चात झोटवाड़ा थाना पुलिस ने उस दौरान मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान किया। लेकिन पुलिस जांच में ऐसा कुछ प्रमाणित नहीं हुआ। जिसके बाद झोटवाड़ा थाना पुलिस ने जांच के बाद एफ आर लगा दी।

एक नजर kp सिंह के दुष्कर्म मामले पर डाले, तो वर्दी का रोब नजर आता है।

साल 2020 में कंवर पाल सिंह के खिलाफ उसके परिचित ने करणी विहार थाने में मारपीट व दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। इस बीच आरोपित सीआई झुंझुनू में तस्करी रोधी इकाई के प्रभारी के पद पर तैनात था। महिला की शिकायत पर दर्ज मामले की पहले सीआई ने जांच की और फिर अपर डीसीपी पश्चिम बजरंग सिंह को सौंप दिया। इस बीच पुलिस ने आरोपी केपी सिंह को गिरफ्तार नहीं किया। यहाँ बड़ा सवाल खड़ा होता है की जब महिला के साथ दुष्कर्म का संगीन मामला था तो पुलिस ने गिरफ्तारी क्यों नहीं की?

मामले में कुछ समय बाद KP सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली। पीड़िता को न्याय नहीं मिलने पर उसने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सीआई की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा दी और पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। यहाँ कानून की रक्षा करने वाले खुद ही भक्षक बन रहे है।

आरोपी ने नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया
आरोपी ने नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया
पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी के लिए यह याचिका लगाई। जिस में पीड़िता ने बताया कि उसकी बहन का झुंझुनूं महिला थाने में एक मामला दर्ज हो रखा था। जिस के सभी दस्तावेज तत्कालीन सीआई के पी सिंह के पास थे। पीड़िता ने जब सी आई से दस्तावेज मांग तो उस ने पीड़िता को जयपुर बुलाया। यहां पर पेय पदार्थ में आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ पिलाया। जिसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी फोटो और वीडियो ली। पीड़िता ने मुकदमा दर्ज कराया लेकिन आरोपी ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली। साथ ही वह उसे बार-बार मुकदमा वापस लेने का भी दबाव बना रहा है।

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