Bitcoin: साल्वाडोर बना क्रिप्टोकरेंसी को वैध मुद्रा बनाने वाला पहला देश, जानिए इससे क्या होगा फायदा?

ध्य अमेरिकी देश अल साल्वाडोर ने दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी, बिटक्वाइन, देश की कानूनी मुद्रा बनाने के लिए एक विधेयक को मंजूरी दे दी है। बिटक्वाइन को कानूनी मुद्रा के रूप में घोषित करने वाला यह दुनिया का पहला देश बन गया है। अल साल्वाडोर की आधिकारिक मुद्रा अमेरिकी डॉलर है।
Bitcoin: साल्वाडोर बना क्रिप्टोकरेंसी को वैध मुद्रा बनाने वाला पहला देश, जानिए इससे क्या होगा फायदा?

डेस्क न्यूज़- मध्य अमेरिकी देश अल साल्वाडोर ने दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी, बिटक्वाइन, देश की कानूनी मुद्रा बनाने के लिए एक विधेयक को मंजूरी दे दी है। बिटक्वाइन को कानूनी मुद्रा के रूप में घोषित करने वाला यह दुनिया का पहला देश बन गया है। अल साल्वाडोर की आधिकारिक मुद्रा अमेरिकी डॉलर है। अमेरिकी डॉलर पहले की तरह देश में कानूनी मुद्रा बना रहेगा और बिटकॉइन का उपयोग वैकल्पिक होगा। सोमवार को अल सल्वाडोर कांग्रेस ने राष्ट्रपति नायब बुकेले के क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस संदर्भ में, अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले ने कहा कि, '62 मतों के साथ, सत्र ने #LeyBitcoin को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब बिटकॉइन अल सल्वाडोर की कानूनी मुद्रा बन गया है।'

तीन महिने में लागू हो जाएगी मुद्रा

बिटकॉइन को वैध मुद्रा बनाने का कानून तीन महिने के भीतर लागू हो जाएगा। 5 जून को, राष्ट्रपति नायब बुकेले ने कहा कि वह जल्द ही बिटकॉइन को देश की कानूनी मुद्रा बनाने के लिए एक बिल पेश करेंगे।

बिटकॉइन से क्या होगा फायदा ?

अल-साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले का कहना है कि बिटकॉइन को आधिकारिक मुद्रा बनाने से विदेशों में रहने वाले सल्वाडोर के नागरिकों के लिए घर पैसा भेजना आसान हो जाएगा। बुकेले ने एक ट्वीट में कहा कि, 'इससे ​​हमारे देश में वित्तीय समावेशन, निवेश, पर्यटन, नवाचार और आर्थिक विकास होगा।'

इस कदम से साल्वाडोर के लोगों के लिए वित्तीय सेवाएं खुल जाएंगी। विदेशों में काम करने वाले सल्वाडोर बड़ी संख्या में मुद्रा अपने घरों में भेजते हैं। विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में लोगों ने देश में कुल छह अरब डॉलर भेजे थे।

क्या है बिटकॉइन ?

बिटकॉइन एक प्रकार की डिजिटल मुद्रा या क्रिप्टो-करेंसी है, जो तत्काल भुगतान को सक्षम बनाता है। बिटकॉइन को दुनिया के लिए 2009 में पेश किया गया था। यह एक ओपन-सोर्स प्रोटोकॉल पर आधारित है और किसी केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा जारी नहीं किया जाता है।

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