महाराष्ट और गुजरात के बाद उत्तर भारत में तबाही मचा सकता है, “वायु तूफान”

फिलहाल उत्तरी इलाकों में गर्मी से राहत नही...
महाराष्ट और गुजरात के बाद उत्तर भारत में तबाही मचा सकता है, “वायु तूफान”

नई दिल्ली – देश में लगातार गर्मी का प्रकोप झेल रहे लोगों के मानसून भले ही राहत की खबर लेकर आया हो, लेकिन ये मानसून पुरे देश में कब तक राहत पहुंचाएगा इसमें अभी समय लगेगा।

मानसून पहले ही देरी से केरल पहुंचा है, और उत्तर भारत में करीब 15 दिन की देरी से पहुचने की संभावना है, मैदानी इलाकों में फिलहाल राहत की खबर नही है। मैदानी इलाकों में लगातार गर्मी के बाद चक्रवाती तूफान की आंशका हो गई है।

धीरे-धीरे कदमों से आगे बढ़ रहे मानसून से लग रहा था कि मैदानी इलाकों में कुछ दिनों बाद राहत मिलेगी, लेकिन चक्रवाती तूफान 'वायु' के चलते अब एक आशंका यह पैदा हो गई है कि कहीं यह मानसूनी बादल को ही न ले उड़े, अगर ऐसा हुआ तो उत्तर भारत में हाहाकार मच जाएगा. क्योंकि पूरे मैदानी इलाकों में किसान खेती-बाड़ी के लिए मानसून की बारिश पर ही निर्भर होते हैं,

वैसे तो मानसून पहले से ही देरी से चल रहा है, लेकिन अगर वो 80 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले वायु चक्रवात की चपेट में आ गया तो किसानों को बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा. अगर मानसूनी बादल नहीं ठहरे तो बादल भी नहीं बरसेंगे. बादल नहीं बरसे तो उत्तर भारत में सूखे की स्थिति पैदा हो जाएगी.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गुजरात के तटवर्ती इलाकों में चक्रवाती तूफान वायु आने की चेतावनी दी है. मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर से उठने वाला चक्रवाती तूफान वायु 75 किलोमीटर से लेकर अधिकतम 135 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के साथ प्रदेश के कई इलाकों में चलेगा. चक्रवाती तूफान 12-13 जून को सौराष्ट्र तट पर दस्तक दे सकता है.

गांधीनगर और राजकोट समेत तटवर्ती इलाके वेरावल, भुज और सूरत में हल्की बारिश हो सकती है. चक्रवात के कारण सौराष्ट्र के भावनगर, अमरेली, सोमनाथ, वेरावल, जामनगर, पोरबंदर और कच्छ समेत कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है,

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