प्रतिबंधों में ढील देते ही दिल्ली की हवा फिर होने लगी दमघोटू , कहीं फिर तो नहीं बंद करने पड़ेंगे स्कूल ?

नई दिल्ली प्रदूषण के स्तर में कमी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक दिन पहले ही पाबंदियों में ढील दी थी | सोमवार से स्कूल-कॉलेज खुल रहे हैं, लेकिन इससे पहले हवा की गुणवत्ता फिर 'बेहद खराब' हो गई है। हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने फिर से निर्माण पर रोक लगा दी है |
प्रतिबंधों में ढील देते ही दिल्ली की हवा फिर होने लगी दमघोटू , कहीं फिर तो नहीं बंद करने पड़ेंगे स्कूल ?

नई दिल्ली प्रदूषण के स्तर में कमी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक दिन पहले ही पाबंदियों में ढील दी थी | सोमवार से स्कूल-कॉलेज खुल रहे हैं, लेकिन इससे पहले हवा की गुणवत्ता फिर 'बेहद खराब' हो गई है। हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने फिर से निर्माण पर रोक लगा दी है | दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आज से फिर से निर्माण पर रोक लगाई जा रही है | प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल, कारपेटिंग, इंटीरियर डेकोरेशन का काम किया जा सकता है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या स्कूल-कॉलेज भी बंद रखे जाएंगे?

एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी है?

हवाओं के बदले हुए रुख से दिल्ली-एनसीआर को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली, जो अब खत्म हो गई है | गुरुवार को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत एनसीआर के ज्यादातर इलाकों में हवा 'बेहद खराब', 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई | सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' बनी हुई है। राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 339 है। यही हालात रहे तो दिल्ली में फिर से पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। दिल्ली सरकार एक बार फिर निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक लगाने जा रही है |

28 नवंबर के बाद दिल्ली में बढ़ेगी ठंड

बुधवार की सुबह राजधानी में सीजन की सबसे सर्द सुबह रही। न्यूनतम तापमान घटकर महज 9.2 डिग्री रह गया। अब 28 नवंबर के बाद ठंड तेजी से बढ़ेगी। स्काईमेट वेदर के अनुसार, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण एक ट्रफ रेखा जम्मू-कश्मीर की ओर बढ़ रही है। ऊंचाई वाले इलाकों में इसका असर मौसम पर पड़ रहा है। इसके कारण, उत्तरी राजस्थान और हरियाणा पर एक हल्का चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना है।

दिल्ली में निचले स्तरों पर हवाएं हल्की और परिवर्तनशील हो गई हैं। यह सिलसिला अगले 48 घंटों तक जारी रहने की संभावना है। हवा की दिशा में बदलाव के साथ आर्द्रता में मामूली वृद्धि और दृश्यता की स्थिति में गिरावट की उच्च संभावना है। तापमान का स्तर भी करीब एक डिग्री बढ़ सकता है। पश्चिमी विक्षोभ 27 नवंबर तक जारी रहेगा। जिसके बाद 28 नवंबर से एक बार फिर तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी।

नोएडा : प्रदूषण के बढ़ते ग्राफ ने फिर बढ़ा दी टेंशन

दो दिन की राहत के बाद बुधवार से नोएडा में प्रदूषण के ग्राफ में उछाल आया है | गुरुवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, लोगों ने हर तरफ स्मॉग देखा और फिर से पहले की तरह घुटन महसूस हुई। प्रदूषण में अचानक वृद्धि तनावपूर्ण है। बता दें कि पिछले 25 दिनों से शहर का मौसम इतना जहरीला बना हुआ है कि लोगों को सांस के लिए भी जूझना पड़ा | 25 दिन बाद सोमवार और मंगलवार को प्रदूषण में बड़ी राहत देखने को मिली | सोमवार को नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 270 और ग्रेटर नोएडा का 202 पर पहुंच गया था | इसके बाद मंगलवार को भी नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 252 और ग्रेटर नोएडा का 255 पर था, जिससे उम्मीद की जा रही थी कि अब प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली है।

गाजियाबाद: शहर का एक्यूआई बढ़ने लगा

हवा की गति धीमी होने के साथ ही जिले में हवा फिर से खराब होने लगी है | बुधवार को गाजियाबाद का एक्यूआई 366 दर्ज किया गया। मंगलवार को यह 268 और सोमवार को 254 थी। पिछले पांच दिनों से हवा की गति 10 से 12 किमी प्रति घंटे थी। जबकि मंगलवार रात से यह घटकर 5 से 7 किमी प्रति घंटे हो गई। जिससे जिले में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ गया है। अब तक जहां दिन में सूरज चमक रहा था। आसमान साफ ​​हो रहा था। बुधवार को एक बार फिर धुंध जैसा माहौल हो गया है। लोग आंखों में जलन की शिकायत कर रहे थे। जबकि कुछ लोगों के गले में तकलीफ होने लगी।

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