ग्लासगो में भारतीय मूल के लोगों ने पीएम मोदी का किया गर्मजोशी से स्वागत, मोदी को बताया भारत का गहना

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन 2021 में भाग लेने के लिए स्कॉटलैंड के ग्लासगो पहुंचे हैं, जहां होटल के बाहर भारतीय समुदाय द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
ग्लासगो में भारतीय मूल के लोगों ने पीएम मोदी का किया गर्मजोशी से स्वागत, मोदी को बताया भारत का गहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन 2021 में भाग लेने के लिए स्कॉटलैंड के ग्लासगो पहुंचे हैं, जहां होटल के बाहर भारतीय समुदाय द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस सम्मेलन पर अब पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इस सम्मेलन में दुनिया भर के दिग्गज नेता पर्यावरण संरक्षण के अभियान को धार देने की कोशिश करेंगे।

लोगों ने गाया 'मोदी है भारत का गहना' गाना

पीएम नरेंद्र मोदी के ग्लासगो स्थित होटल पहुंचने के बाद भारतीय समुदाय के लोगों ने मोदी-मोदी के नारे लगाए और 'मोदी है भारत का गहना' गाना गाया। इस दौरान पीएम मोदी ने भीड़ में मौजूद लोगों से बातचीत की।

पीएम मोदी का कार्यक्रम होने वाला है बेहद व्यस्त

ग्लासगो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफी व्यस्त कार्यक्रम है। आज (1 नवंबर) पीएम मोदी भारतीय समयानुसार दोपहर 3.30 बजे भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे। फिर ग्लासगो सम्मेलन शाम 5.30 बजे शुरू होगा। प्रधानमंत्री मोदी के शाम 7 बजे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से मिलने की संभावना है। रात 8 बजे शीर्ष नेताओं की बैठक और चर्चा होगी। इसके बाद पीएम मोदी रात 8.30 बजे सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

2 नवंबर को बहुत व्यस्त कार्यक्रम

2 नवंबर यानी मंगलवार को भी पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का बेहद बिजी शेड्यूल है। कल दोपहर 2 बजे पीएम मोदी जलवायु से जुड़े एक अहम प्रोजेक्ट की शुरुआत करेंगे। इसके बाद रात 9 बजे प्रधानमंत्री स्विट्जरलैंड, फिनलैंड, इजरायल, नेपाल, मालावी, यूक्रेन, अर्जेंटीना, जापान के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठक करेंगे। प्रधानमंत्री बिल गेट्स के साथ भी बैठक करेंगे। पीएम मोदी रात 11 बजे देश के लिए रवाना होंगे और 3 नवंबर को सुबह 8 बजे देश पहुंचेंगे।

कार्बन उत्सर्जन कम करने पर रहेगा भारत का जोर

सूत्रों के मुताबिक माना जा रहा है कि ग्लासगो समिट में भारत का जोर कार्बन उत्सर्जन कम करने पर होगा। भारत से, यह कहा जा सकता है कि विकसित देशों को नेट जीरो के बजाय नेट नेगेटिव से शुरुआत करने की जरूरत है। हालांकि भारत ने अभी तक नेट जीरो से जुड़े मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया है। ग्लासगो सम्मेलन भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण, भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बेमौसम बारिश, बाढ़ और तूफान का सामना किया है और खरबों को नुकसान हुआ है और कई लोगों की जान गई है।

G20 बैठक में दिखी भारत की ताकत

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मास्को में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था और इसे 'फलदायी' बताया था। उन्होंने कहा कि विश्व के नेताओं ने वैश्विक महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे कि महामारी से लड़ने, स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में सुधार, आर्थिक सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जी-20 नेता इस बात पर सहमत हुए कि कोविड-19 वैक्सीन की आपात मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को मजबूत किया जाएगा।

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