PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें: बोले- जैस जूते पहनकर घर से बाहर जाते है, वैसे ही मास्क पहनने की भी आदत डालें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने 100 करोड़ लोगों को टीका लगाया है, लेकिन त्योहार आ रहे हैं, इसलिए हमें और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कवच कितना भी आधुनिक क्यों न हो, कितना भी अच्छा क्यों न हो। जब तक युद्ध चल रहा है तब तक हथियार नही डाले जाते।
PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें: बोले- जैस जूते पहनकर घर से बाहर जाते है, वैसे ही मास्क पहनने की भी आदत डालें
Photo | Aaj tak

डेस्क न्यूज़- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 100 करोड़ टीकाकरण का आंकड़ा पार करने के बाद राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने इस उपलब्धि के लिए देशवासियों को बधाई दी और साथ ही कहा कि त्योहारों में हमें और सतर्क रहने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि पहले 'मेड इन दिस कंट्री, दैट कंट्री' का बोलबाला था। आज देशवासी महसूस कर रहे हैं कि मेड इन इंडिया की ताकत महान है।

सतर्क रहने की हिदायत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने 100 करोड़ लोगों को टीका लगाया है, लेकिन त्योहार आ रहे हैं, इसलिए हमें और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कवच कितना भी आधुनिक क्यों न हो, कितना भी अच्छा क्यों न हो। जब तक युद्ध चल रहा है तब तक हथियार नही डाले जाते। कहा कि जैसे जूते पहनकर बाहर जाने की आदत हो गई है, वैसे ही मास्क पहनने की भी आदत डालें।

सबको समान रुप से लगी वैक्सीन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महामारी की शुरुआत में लोगों को डर था कि भारत जैसे देश में इस महामारी से लड़ना मुश्किल होगा। कहा जा रहा था कि यहां इतना संयम, इतना अनुशासन कैसे काम करेगा, लेकिन हमारे लिए लोकतंत्र का मतलब सबके लिए सहयोग है। इसलिए शुरू किया फ्री वैक्सीन का अभियान। उन्होंने कहा कि देश का एक ही मंत्र है कि अगर रोग भेदभाव नहीं करता है तो वैक्सीन में भेदभाव नहीं हो सकता। टीकाकरण अभियान में वीआईपी कल्चर को हावी नहीं होने दिया गया। कोई कितने भी उच्च पद पर हो लेकिन यह सुनिश्चित किया गया कि वैक्सीन एक सामान्य नागरिक की तरह मिले।

लोकल के लिए वोकल

पीएम ने कहा कि पहले 'मेड इन दिस कंट्री, दैट कंट्री' का बोलबाला था। आज देशवासी महसूस कर रहे हैं कि मेड इन इंडिया की ताकत महान है। भारत में हर छोटी-छोटी चीज बननी चाहिए, जिसे बनाने में एक भारतीय ने पसीना बहाया हो, उसे खरीदना चाहिए। लोकल के लिए वोकल, भारत में बनी कोई चीज़ ख़रीदकर हमें उसे अमल में लाना होगा। हम सभी के प्रयास से इसे भी जारी रखेंगे।

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