ढाई करोड़ का घोड़ा: जो एक बार में पीता है 50 लीटर दूध, खाने और देखभाल पर हर महीने डेढ़ लाख का खर्च

2.5 करोड़ का घोड़ा। सुनकर आश्चर्य हो रहा होगा। आप सोच रहे होंगे की आखिर इस घोड़े में ऐसा क्या ख़ास है की इसकी कीमत करोड़ो में है। इस घोड़े के आहार और हर महीने इस पर होने वाले खर्च का विवरण सुनकर आप चौंक जाएंगे।
ढाई करोड़ का घोड़ा: जो एक बार में पीता है 50 लीटर दूध, खाने और देखभाल पर हर महीने डेढ़ लाख का खर्च
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'2.5 करोड़ का घोड़ा', सुनकर आश्चर्य हो रहा होगा। आप सोच रहे होंगे की आखिर इस घोड़े में ऐसा क्या ख़ास है की इसकी कीमत करोड़ो में है। इस घोड़े के आहार और हर महीने इस पर होने वाले खर्च का विवरण सुनकर आप चौंक जाएंगे। यह घोड़ा एक बार में 50 लीटर दूध पीता है। श्रीगंगानगर में इन दिनों चल रहे घोड़े मेले में हीरा सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह घोड़ा पदमपुर के इकबाल सिंह का है। इकबाल सिंह पिछले 9 साल से इसकी देखरेख कर रहे हैं।

क्या ख़ास है इस घोड़े में ?

इकबाल सिंह का दावा है कि मेले में आने वाले सभी घोड़ों में हीरा का कद सबसे ज्यादा है। आमतौर पर घोड़े की ऊंचाई 160 सेमी होती है, जबकि इसकी ऊंचाई 170 सेमी के करीब होती है। हीरे के खाने और देखभाल पर हर महीने डेढ़ लाख रुपये खर्च होते हैं। उसे घी खिलाया जाता है और सप्ताह में दो बार दूध दिया जाता है।

आहार में दूध के साथ चना और मूंगफली

इकबाल सिंह बताते हैं कि हीरा मारवाड़ी नस्ल का घोड़ा है। इसके पैर मजबूत होते हैं। आहार में इसे चना, जौ, दूध और मूंगफली का नीरा दिया जाता है। गर्मी में सरसों का तेल और सर्दी में तिल का तेल इसे खिलाया जाता है। इससे इसकी पाचन क्रिया अच्छी बनी रहती है। आंतें चिकनी रहती हैं और घोड़े की त्वचा चमकती है।

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इकबाल सिंह है कॉटन फैक्ट्री के मालिक

इकबाल को घोड़ों का शौक है। वह कपास की फैक्ट्री के मालिक हैं और खेती भी करते हैं। नौ साल पहले उन्होंने हीरा को पाला था। साढ़े तीन साल की उम्र से ही उसके खान-पान का ध्यान रखा जा रहा है। सात साल की उम्र तक उसे रोजाना 50 लीटर दूध पिलाया जाता था। इसके बाद उसे सप्ताह में दो बार 50-50 लीटर दूध पिलाया जाता है। इसके कद को देखकर राजस्थान और यूपी के घोड़े प्रेमियों ने ढाई करोड़ रुपये की पेशकश की है। इस घोड़े के अब तक 200 से ज्यादा बच्चे हो चुके हैं। इस नस्ल की काफी मांग है। इसके बच्चे भी ऊँचे कद के होते हैं।

1.25 करोड़ का 'राज दिलावर'

इस मेले में 1.25 करोड़ रुपये का घोड़ा राज दिलावर भी आया है। इसके मालिक लालराज सिंह बताते हैं कि उनका घोड़ा रत्नाकर ब्लर लाइन नस्ल का है। उन्होंने इसकी कीमत सवा लाख रुपये तय की है। उन्हें 70 लाख का ऑफर तो मिला है। 1.25 करोड़ मिले तो, उसे हम बेच भी देंगे। श्रीगंगानगर के श्रीनगर गांव निवासी लालराज सिंह का कहना है कि इस घोड़े के 30-35 बच्चे हैं। इन सभी को 7 से 8 लाख रुपये तक की कीमत में बेचा गया है। उन्होंने बताया कि घोड़े को चना, जौ और घी दिया जाता है। यदि घोड़े के कान जुड़े हों, गर्दन लंबी हो और शरीर मजबूत हो, तो उसकी मांग रहती है।

सवा करोड़ का 'राज दिलावर'

इसी मेले में सवा करोड़ रुपए का घोड़ा राज दिलावर भी आया है। इसके मालिक लालराज सिंह बताते हैं कि उनका घोड़ा रत्नाकर ब्लर लाइन ब्रीड का है। उन्होंने इसकी कीमत सवा करोड़ रुपए तय की है। 70 लाख रुपए का ऑफर तो मिल गया है। सवा करोड़ मिलेंगे, तो बेच भी देंगे। श्रीगंगानगर के गांव श्रीनगर के रहने वाले लालराज सिंह बताते हैं कि इस घोड़े के 30-35 बच्चे हो चुके हैं। ये सभी 7 से 8 लाख रुपए तक की कीमत में बिके हैं। उन्होंने बताया कि घाेड़े को चना, जौ और घी देते हैं। घोड़े के कान जुड़े हों, गर्दन लंबी और ताकतवर बॉडी हो तो उसकी डिमांड रहती है।

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