कैबिनेट का फैसला: गरीब कल्याण अन्न योजना अगले 4 महीनों तक रहेगी जारी, तीनों कृषि कानून रद्द करने पर लगी मुहर

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार को 4 महीने के लिए मंजूरी दे दी है। इसके तहत गरीबों को मुफ्त राशन बांटा जा रहा है। यह योजना कोरोना के दौरान शुरू की गई थी। इसे बाद में 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया था।
कैबिनेट का फैसला: गरीब कल्याण अन्न योजना अगले 4 महीनों तक रहेगी जारी, तीनों कृषि कानून रद्द करने पर लगी मुहर
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार को 4 महीने के लिए मंजूरी दे दी है। इसके तहत गरीबों को मुफ्त राशन बांटा जा रहा है। यह योजना कोरोना के दौरान शुरू की गई थी। इसे बाद में 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया था। आज कैबिनेट ने इसे आगे भी जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इधर, एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच दिन पहले यानि 19 नवंबर को गुरु पर्व के दिन इन तीनों कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद कानून को वापस लेने का प्रस्ताव संसद के शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों में पारित हो जाएगा। इसके बाद किसानों के आंदोलन का कारण बने तीनों कृषि कानूनों को समाप्त कर दिया जाएगा।

मोदी ने शुक्रवार को किया था कृषि कानून को वापस लेने का ऐलान

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि सरकार किसानों के हित में यह कानून अच्छे इरादे से लाई थी, लेकिन हम कुछ किसानों को समझाने में नाकाम रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद के अगले सत्र में कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं, विशेषज्ञों के मुताबिक यह प्रक्रिया संसद सत्र शुरू होने के बाद कम से कम 3 दिन में पूरी की जा सकती है। संसद का सत्र 29 नवंबर से शुरू होना है।

Image Credit: Nakkei Asia
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कृषि कानूनों के वापसी की प्रक्रिया

17 सितंबर, 2020 को लोकसभा द्वारा तीन नए कृषि कानूनों को मंजूरी दी गई थी। राष्ट्रपति ने 27 सितंबर को तीन कानूनों के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। तभी से किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया था। संविधान विशेषज्ञ विराग गुप्ता के मुताबिक किसी भी कानून को वापस लेने की प्रक्रिया भी उसी तरह होगी जैसे कोई नया कानून बनता है। आइए चरणबद्ध तरीके से जानते है की कृषि कानूनों के वापसी की प्रक्रिया कैसे होगी।

  • सबसे पहले सरकार इस संबंध में संसद के दोनों सदनों में एक विधेयक पेश करेगी।
  • यह बिल संसद के दोनों सदनों द्वारा बहुमत के आधार पर पारित किया जाएगा।
  • बिल पास होने के बाद यह बिल राष्ट्रपति के पास जाएगा और राष्ट्रपति इस पर अपनी मुहर लगाएंगे।
  • राष्ट्रपति की मुहर के बाद सरकार अधिसूचना जारी करेगी।
  • अधिसूचना जारी होते ही कृषि कानून निरस्त हो जाएंगे।

कैबिनेट बैठक में क्रिप्टोकरेंसी पर भी चर्चा संभव

वहीं केंद्र सरकार की ओर से क्रिप्टोकरेंसी पर शिकंजा कसने की बात हो रही है। आज की कैबिनेट बैठक में भी इस पर चर्चा हो सकती है। इन खबरों के बाद ज्यादातर क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट देखने को मिल रही है। आज सुबह 10 बजे बिटकॉइन में 17% से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है। क्रिप्टोक्यूरेंसी के लिए, सरकार शीतकालीन सत्र में संसद में क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने के लिए एक विधेयक पेश करने के लिए तैयार है। बिल सभी प्रकार की निजी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास करता है।

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