Terrorist Attack in Shopian: कश्मीरी पंडित फिर टारगेट पर, कब थमेगा ये दौर

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में एक बार फिर आतंकियों ने कश्मीर पंडित को निशाना बनाया है। जिसमें एक नागरिक को गोली लगने की वजह से उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल-370 हटने के बाद आतंकियों के द्वारा लगातार ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।
Terrorist Attack in Shopian: कश्मीरी पंडित फिर टारगेट पर, कब थमेगा ये दौर

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में एक बार फिर आतंकियों ने शनिवार को एक कश्मीरी पंडित को गोली मार दी। आतंकवादियों की ओर से लगातार की जा रही ऐसी घटनाऐं बताती है कि जब से केन्द्र सरकार की ओर से आर्टिकल-370 को बहाल किया गया है, तब से आतंकवादी कश्मीरी पंडितों को निशाने पर ले रहे है। आतंकवादी कश्मीर पंडितों (अल्पसंख्यक) में भय का माहौल तैयार कर उन्हें कश्मीर से भगाना चाहते है।

कश्मीर के चौधरी गुंड में आतंकियों की ओर से किये गये हमले में नागरिक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

इस बात का पता लगाया जा रहा है कि आतंकियों ने किसी और पर हमला नहीं किया है। बताया गया है कि बाग की ओर जा रहे पूरन कृष्ण भट पर आतंकियों ने अचानक फायरिंग कर दी। जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक पूरन कृष्ण भट इसी इलाके के रहने वाले है। शनिवार को जब वह अपने बगीचे की ओर जा रहा था तो नापाक इरादे से घात लगाकर बैठे आतंकियों ने उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके और कुछ देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

विशेष बात यह रही की ये घटना पुलिस गार्ड की मौजूदगी में हुई। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों को पकड़ने के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।

लगातार निशाने पर रहे है कश्मीरी पंडित

आपको बता दें कि कश्मीर में लगातार कश्मीरी पंडितों और प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया जा रहा है। 16 अगस्त को शोपियां में आतंकियों ने एक और कश्मीरी पंडित सुनील कुमार भट की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि इस हमले में उसका भाई पिंटू गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना में भी दोनों भाई शोपियां के छोटेपोरा इलाके में अपने सेब के बागों में काम कर रहे थे। तभी आतंकियों ने दोनों पर हमला कर दिया था। इस घटना से पहले इस साल कई प्रवासी मजदूरों को भी आतंकियों ने अपना शिकार बनाया था।

बाहरी भी आतंकवादियों के निशाने पर

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के निशाने पर गैर-कश्मीरी नागरिकों भी रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में पिछले दस महीने के दौरान बिहार के सात मजदूरों की आतंकियों ने हत्या की है। इससे पहले पुलवामा में भी बिहार के एक मजदूर की हत्या की गई थी। यहां आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों के कैंप पर ग्रेनेड अटैक किया था। इस हमले में बिहार के मुमताज मोहम्मद की मौत हो गई थी। आतंकियों की इस कायराना हरकत का शिकार होकर दो मजदूर घायल हुए थे।

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