Agniveer: अग्निवीर पर राहुल गांधी के दावा निकला झूंठा!, RTI से मिले जवाब में सामने आया सच

Agniveer Scheme: अग्निवीर योजना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्‍सर ही बयान देते रहते हैं। सियाचिन में एक अग्निवीर की मौत पर भी राहुल ने सियासत की।
Agniveer: अग्निवीर पर राहुल गांधी के दावा निकला झूंठा!, RTI से मिले जवाब में सामने आया सच

Rahul Gandhi on Agniveer: सियाचिन में तैनात अग्निवीर जवान गावते अक्षय लक्ष्‍मण की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी। गावते अक्षय लक्ष्‍मण की पिछले साल अक्तूबर, 2023 में लाइन ऑफ ड्यूटी पर तैनाती के दौरान दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन में मौत हो गई थी। वह पहले अग्निवीर थे, जिनका ड्यूटी पर तैनाती के दौरान निधन हुआ था।

उनके निधन के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। राहुल गांधी ने कहा था, ‘सियाचिन में अग्निवीर गावते अक्षय लक्ष्‍मण की शहादत का समाचार बहुत दुखद है। युवा देश के लिए शहीद हो गया। सेवा के समय न ग्रेच्युटी, न अन्य सैन्य सुविधाएं और शहादत में परिवार को पेंशन तक नहीं. अग्निवीर भारत के वीरों के अपमान की योजना है!’

आरटीआई में पूछा गया यह सवाल

आरटीआई एक्टिविस्ट अजय बोस ने राइट टू इनफॉरमेशन एक्ट के तहत रक्षा मंत्रालय से पूछा था कि सियाचिन में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले गावते अक्षय लक्ष्‍मण के परिवार को सरकार ने क्या कोई आर्थिक मदद दी है?

आरटीआई आवेदन में दिए गए जवाब से राहुल गांधी ने दावे खोखले साबित हुए हैं। आरटीआई से खुलासा हुआ है कि गावते अक्षय लक्ष्‍मण के परिजनों को केंद्र सरकार ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक मदद प्रदान की है। लक्ष्मण भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर (14 कोर) का हिस्सा थे, जो लद्दाख में तैनात है।

एक करोड़ 30 लाख रुपये की मदद

अजय बोस की आरटीआई के जवाब में भारतीय सेना के आरटीआई सेल के एडीजी ने बताया है कि मृतक गावते अक्षय लक्ष्‍मण के परिवारजनों को अग्निपथ योजना के तहत आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि कुल मिला कर एक करोड़ 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।

इनमें 48 लाख रुपये गैर-अंशदायी बीमा (इंश्योरेंस कवर), 44 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (एकमुश्त एक्स-ग्रेशिया), आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन से 30,000 रुपये, आर्मी सेंट्रल वेलफेयर फंड से 8 लाख रुपये, सेवा निधि में अग्निवीर द्वारा दिए गए 30 फीसदी योगदान, जिसमें सरकार का भी बराबर योगदान होता है और पूरी राशि पर ब्याज दिया गया है। इसके अलावा परिजनों को मृत्यु की तारीख से चार साल पूरे होने तक शेष कार्यकाल के लिए भी वेतन भी दिया गया।

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