वजीर के सामने ऊंट और हाथी मैदान में..."The Great Indian Congress President Election"

कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 24 सितंबर से नामांकन दाखिल होंगे, लेकिन अभी उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। फिलहाल तक अशोक गहलोत और शशि थरूर का नाम इस रेस में फाइनल माना जा रहा है। साथ ही राहुल गांधी को ही फिर से अध्यक्ष बनाने की मांग भी उठ रही है।
वजीर के सामने ऊंट और हाथी मैदान में..."The Great Indian Congress President Election"

कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव के लिए शतरंज की बिसात बिछ चुकी है। पासे फैंकने की तैयारी है, लेकिन पार्टी सुप्रीमो किस मोहरे पर दाव लगाएंगी, इस पर अब तक असमंजस बरकरार है, क्योंकि वजीर (राहुल गांधी) ही राजा बनेगा यह पहले से पता है। लेकिन तिरछी चाल चलने वाले राजस्थानी ऊंट (अशोक गहलोत) ने मौर्चा खोल दिया है। दक्षिण के जंगलों से वजीर को गिराने के लिए हाथी (शशि थरूर) भी निकल चुका है। अब समझने वाली बात यह है कि यह दुश्मन को चकमा देने का खेल है या सच में प्यादे वजीर को गिरने की तैयारी में हैं।

मुश्किल दौर से गुजर रही कांग्रेस 20 सालों में पहली बार अध्यक्ष पद पर चुनाव कराने जा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को चुनाव होना है। लेकिन अभी उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। फिलहाल तक अशोक गहलोत और शशि थरूर का नाम इस रेस में फाइनल माना जा रहा है। साथ ही राहुल गांधी को ही फिर से अध्यक्ष बनाने की मांग भी जोर शोर से उठ रही है। हालांकि कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी ने अब तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। 24 सितंबर से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होनी है। ऐसे में अभी तक असमंजस की स्थिति है।

'ना नहीं कहूंगा'...गहलोत ने खुलकर पेश की दावेदारी

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली पहुंच चुके हैं। दिल्ली में गहलोत ने पत्रकारों से बातचती में कहा कि वह कोच्चि जाकर राहुल गांधी को इस बात के लिए मनाने का आखिरी प्रयास करेंगे कि वह पार्टी अध्यक्ष का पद संभालें। उनका कहना था कि राहुल गांधी से बातचीत करने के बाद ही वह तय करेंगे कि आगे क्या करना है। गहलोत ने कहा, ''मुझे कांग्रेस की सेवा करनी है। जहां भी मेरा उपयोग है, मैं वहां तैयार रहूंगा।।।अगर पार्टी को लगता है कि मेरी मुख्यमंत्री के रूप में जरूरत है, या अध्यक्ष के रूप में ज्यादा जरूरत है तो मैं मना नहीं कर पाऊंगा''

26 से 28 के बीच नामांकन भरेंगे गहलोत

सूत्र कहते हैं कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नवरात्रि में 26 से 28 सितंबर के बीच अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन भरेंगे। दिल्ली में गहलोत ने कहा, ''अगर मेरा बस चले तो मैं किसी पद पर नहीं रहूं। मैं राहुल गांधी के साथ सड़क पर उतरूं और फासीवादी लोगों के खिलाफ मोर्चा खोलूं।'' आज जो स्थिति है उसमें कांग्रेस का मजबूत होना जरूरी है। कांग्रेस की मजबूती के लिए जहां जरूरत होगी, वहां मैं खड़ा रहूंगा।''

गहलोत को अध्यक्ष से ज्यादा CM पद की चिंता

चर्चाएं हैं कि जी-23 के नेता शशि थरूर नामांकन दाखिल कर सकते हैं और उनका मुकाबला गांधी परिवार के भरोसेमंद अशोक गहलोत से होगा। लेकिन अशोक गहलोत इस मुकाबले के लिए तैयार नहीं बताए जा रहे। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि वह अब भी राहुल गांधी को मनाने की कोशिश में जुटे हैं कि वह पार्टी अध्यक्ष बनने पर सहमत हो जाएं। अध्यक्ष पद पर चुनाव 17 अक्टूबर को होना है और उससे पहले अशोक गहलोत हर कोशिश कर रहे हैं कि राहुल गांधी ही अध्यक्ष बनने को राजी हो जाएं।

दिल्ली, केरल और महाराष्ट्र जाएंगे गहलोत

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अब गहलोत ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आज दिल्ली के बाद वह केरल और फिर महाराष्ट्र का दौरा भी कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली में गहलोत का 25 से 28 सितंबर के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिलने का कार्यक्रम है, पूरी संभावना है कि वह इसके बाद अपना नामांकन दाखिल कर दें। कांग्रेस से जुड़े कुछ सूत्रों का कहना है कि गहलोत उम्मीदवार हो सकते हैं और अगर ऐसा होता है तो गांधी परिवार के भरोसेमंद होने और लंबे राजनीतिक तजुर्बे के चलते उनकी दावेदारी सबसे मजबूत होगी।

शशि थरूर का चुनाव लड़ना भी तय

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर के सोनिया गांधी से मिलने के बाद यह संभावना बढ़ गई कि वह चुनाव लड़ेंगे। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर उन्हें अध्यक्ष पद का चुनाव लडऩे की अपनी इच्छा से अवगत कराया जिस पर सोनिया ने कहा कि इस चुनाव में कई उम्मीदवारों का खड़ा होना पार्टी के लिए बेहतर है और इसमें उनकी भूमिका तटस्थ रहेगी। सूत्रों ने यह भी बताया कि इस मुलाकात के दौरान सोनिया गांधी ने इस धारणा को भी खारिज किया कि इस चुनाव में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक उम्मीदवार होगा।

थरूर का पक्ष कमजोर, केरल यूनिट भी साथ नहीं

कांग्रेस सांसद शशि थरूर अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने को कमर कस रहे हैं, जबकि केरल से सांसद थरूर का साथ उनके राज्य की कांग्रेस यूनिट भी देने को तैयार नहीं है। केरल यूनिट की तरफ से कहा गया है कि चुनाव लड़ने का फैसला उनका निजी हो सकता है पर मेजॉरिटी गांधी परिवार के साथ ही रहेगी। दो सांसदों के मुरलीधरन और कोडिकुन्निल सुरेश ने कहा है कि गांधी परिवार जिसके लिए भी सलाह देगा बहुमत उधर ही रहेगा। ऐसे में यदि शशि थरूर का पक्ष कमजोर लग रहा है।

इधर, राहुल की FB पोस्ट कह रही बहुत कुछ

अब सवाल उठता है राहुल गांधी को लेकर। तो राहुल गांधी की फेसबुक पोस्ट देखें तो वह लिखते हैं, 'जब नाव बीच मंझधार में फंस जाए, तब पतवार अपने हाथ में लेनी ही पड़ती है। ना रुकेंगे, ना झुकेंगे, भारत जोड़ेंगे'। तो क्या इसका ये अर्थ निकाला जाए कि राहुल गांधी फिर से कांग्रेस अध्यक्ष के लिए अपनी दावेदारी ठोकेंगे यानी पार्टी की पतवार अपने हाथ में लेंगे?

कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी चुनाव लड़ेंगे या नहीं इस पर अभी साफ तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। लेकिन उनकी दावेदारी मजबूत है इसमें कोई शक नहीं। 7 राज्यों की कांग्रेस कमेटियों ने राहुल को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव दिया है। सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की जगह इस बात पर जोर दे रहे हैं कि राहुल ही यह पद संभाल लें। वह राहुल को मनाने की कोशिश भी कर रहे हैं।

राहुल के समर्थन में प्रस्तावों का सिलसिला जारी

अशोक गहलोत की कोशिशों के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटियों की ओर से राहुल गांधी के समर्थन में प्रस्ताव पारित करने का सिलसिला भी जारी है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, जम्मू कश्मीर और बिहार कांग्रेस इकाइयां राहुल के समर्थन में प्रस्ताव पास कर चुकीं। इसी क्रम में मंगलवार को हरियाणा और झारखंड की कांग्रेस इकाइयों ने प्रस्ताव पारित कर कहा कि राहुल को एक बार फिर से पार्टी की कमान संभालनी चाहिए। कांग्रेस की इन इकाइयों ने ये प्रस्ताव उस वक्त पारित किए हैं, जब 9 सितंबर को कन्याकुमारी में राहुल गांधी ने यह संकेत दिया था कि वह पार्टी का अध्यक्ष नहीं बनने के अपने पुराने फैसले पर कायम हैं।

क्या कांग्रेस की टूट को संभाल पाएंगे राहुल?

ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस के पास एक ही रास्ता है कि राहुल गांधी कमान संभालें ? खासकर तब जबकि कांग्रेस से ही सबसे ज्यादा नेता टूटकर बीजेपी में जा रहे हैं। राहुल खुद इस वक्त केरल में हैं। भारत जोड़ो यात्रा के बारहवें दिन केरल में स्थानीय नाविकों के साथ हुई इस प्रतियोगिता में वो नाव जीत गई जिसमें राहुल सवार हैं, लेकिन बड़ा सवाल 2024 के लोकसभा चुनाव का है।

BJP का कटाक्ष: 'दिग्विजय-कमलनाथ को राहुल पसंद नहीं'

बीजेपी ने राजस्थान दिल्ली और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने और मध्य प्रदेश इकाई के सोनिया गांधी को अधिकृत करने पर कांग्रेस को निशाने पर लिया है। MP के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ राहुल गांधी को दोबारा कांग्रेस की कमान देना नहीं चाहते। दोनों नेताओं को पता है राहुल गांधी को कांग्रेस की कमान देना घातक होगा। इसलिए एमपी कांग्रेस ने राहुल के समर्थन में अध्यक्ष का प्रस्ताव पास ही नहीं किया।

30 सितंबर तक नामांकन और 17 अक्टूबर को होगा चुनाव

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की जाएगी और नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर तक चलेगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है। एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किये जाएंगे।

अब नया ट्विस्ट, दिग्विजय सिंह ने भी दिए मुकाबले में उतरने के संकेत

कांग्रेस के अध्यक्ष का चुनाव रोचक होता जा रहा है। अब तक अशोक गहलोत और शशि थरूर के ही चुनाव में उतरने की चर्चाएं थीं, लेकिन दिग्विजय सिंह ने अपने नाम का जिक्र कर ट्विस्ट ला दिया है। एनडीटीवी से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा कि आप आखिर मेरे नाम को खारिज क्यों कर रहे हैं। उनके इस बयान से कयास लग रहे हैं कि क्या वह भी अध्यक्ष पद के चुनाव में उतर सकते हैं। इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने अशोक गहलोत को लेकर भी अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यदि अशोक गहलोत कांग्रेस के अध्यक्ष बनते हैं तो फिर राजस्थान के सीएम का पद छोड़ना होगा।

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