CBSE: रिजल्ट के बाद छात्र टेंशन में, बोले- बोर्ड ने दिया धोखा, अभिभावक भी परेशान

CBSE ने 22 जुलाई 2022 को 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का किया था अंतिम परिणाम जारी, मार्किंग स्कीम से परेशान छात्र-छात्राओं की शिकायत है कि सीबीएसई ने टर्म 1 और टर्म 2 वेटेज पर पहले दी गई जानकारी से पूरी तरह से अलग वेटेज सिस्टम के आधार पर परिणाम घोषित किए हैं।
CBSE: रिजल्ट के बाद छात्र टेंशन में, बोले- बोर्ड ने दिया धोखा, अभिभावक भी परेशान

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 22 जुलाई 2022 को 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का अंतिम परिणाम जारी कर दिया हैं । सीबीएसई परिणाम जारी होने के बाद कई छात्र और अभिभावक बोर्ड के रवैये से निराश और परेशान हैं। उनकी शिकायत है कि सीबीएसई ने टर्म 1 और टर्म 2 वेटेज पर पहले दी गई जानकारी से पूरी तरह से अलग वेटेज सिस्टम के आधार पर परिणाम घोषित किए हैं। इससे छात्रों का भविष्य खराब होने का डर है, वे मानसिक रूप से परेशान हैं।

सीबीएसई के वेटेज मानदंड पर उठे सवाल

इसी क्रम में रविवार 24 जुलाई 2022 को ओडिशा पैरेंट्स फेडरेशन की ओर से सीबीएसई चेयरमैन को पत्र भेजा गया । सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2022 के वेटेज को लेकर माता-पिता ने पत्र में कई सवाल उठाए हैं। ओडिशा पेरेंट फेडरेशन के पत्र में लिखा है कि हमें सीबीएसई 10वीं और 12वीं के टर्म 1 और टर्म 2 रिजल्ट प्रक्रिया पर बहुत सारे कॉल और मेल आ रहे हैं । यह पहली बार है जब सीबीएसई ने 2021-22 साल की बोर्ड परीक्षा दो टर्म में आयोजित की है।

30% -70% वेटेज वाली बात को सीबीएसई ने बताया था फर्जी

सीबीएसई ने 05 जुलाई 2021 को वेटेज से संबंधित सर्कुलर जारी किया था जिसमें टर्म 1 और टर्म 2 को 50%-50% वेटेज दिया गया था। टर्म परीक्षा नवंबर-दिसंबर 2021 में और परिणाम मार्च 2022 में जारी किए गए थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हुई कि बोर्ड अंतिम परिणाम के लिए 50-50 नहीं बल्कि 30% -70% वेटेज देगा। बाद में सीबीएसई ने इसे फर्जी बताया। टर्म 2 मई-जून 2022 और रिजल्ट जारी होने के बाद सीबीएसई ने सर्कुलर जारी कर बताया कि कमेटी के ज्यादातर सदस्यों ने टर्म-1 (थ्योरी) के लिए 30 फीसदी और टर्म-2 (थ्योरी) के लिए 70 फीसदी वेटेज की सिफारिश की है ।

सीबीएसई ने परीक्षा के बाद बदली मार्किंग स्कीम

छात्र और अभिभावक हैरान है कि सीबीएसई परीक्षा के बाद मार्किंग सिस्टम कैसे बदल सकता है? क्योंकि छात्रों ने 05 जुलाई 2021 को सीबीएसई द्वारा जारी 50-50 वेटेज सर्कुलर के अनुसार तैयारी की थी। उनके पास टर्म 1 की तैयारी के लिए लगभग 8 महीने थे जबकि टर्म 2 के लिए केवल 2 से 3 महीने ही उपलब्ध थे। सीबीएसई ने खुद 30-70 फीसदी मार्किंग सिस्टम को गलत बताया था। पत्र में आगे लिखा है कि बोर्ड इस तरह से छात्रों के साथ गलत नहीं कर सकता है । इससे छात्र और माता-पिता असमंजस में हैं कि अब क्या करें और क्या न करें। फिलहाल इन सभी शिकायतों पर बोर्ड की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।

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