Jharkhand: EMI देने में देरी हुई तो रिकवरी एजेंटों ने किसान की गर्भवती बेटी को ट्रैक्टर से कुचल कर मार डाला

हजारीबाग जिले के इचाक में एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने EMI देने में देरी होने पर एक दिव्यांग किसान की युवा गर्भवती बेटी को ट्रैक्टर से कुचल डाला। घटना के विरोध में पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने फाइनेंस कंपनी के ऑफिस को घेर रखा है।
Jharkhand: EMI देने में देरी हुई तो रिकवरी एजेंटों ने किसान की गर्भवती बेटी को ट्रैक्टर से कुचल कर मार डाला

झारखंड के हजारीबाग जिले के इचाक में एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने एक दिव्यांग किसान मिथिलेश मेहता की युवा गर्भवती बेटी मोनिका मेहता को ट्रैक्टर से कुचल डाला। गंभीर रूप से जख्मी मोनिका ने गुरुवार शाम इलाज के लिए रांची लाए जाने के दौरान दम तोड़ दिया। इस वारदात को लेकर इचाक के ग्रामीणों में जबर्दस्त गुस्सा है।

शुक्रवार सुबह जैसे ही यह खबर इलाके में फैली तो बड़ी संख्या में लोगों ने हजारीबाग शहर स्थित फाइनेंस कंपनी के दफ्तर को घेर लिया। प्रदर्शनकारी मोनिका मेहता को कुचलकर मारने वाले एजेंटों को गिरफ्तार करने और मृतका के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता और हजारीबाग जिला परिषद अध्यक्ष उमेश कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने हजारीबाग स्थित महिंद्रा फाइनेस के ऑफिस को घेर रखा है।

महिंद्रा फाइनेंस से कर्ज लेकर खरीदा था ट्रैक्टर

इचाक के सिजुआ गांव निवासी दिव्यांग किसान मिथिलेश मेहता ने बताया है कि उन्होंने महिंद्रा फाइनेंस से कर्ज लेकर सितंबर 2018 में एक ट्रैक्टर खरीदा था। कोविड के दौरान पैदा हुई परेशानियों के चलते वह कर्ज की 6 EMI नहीं चुका पाये थे। कंपनी की ओर से मिले नोटिस के अनुसार उन्हें ब्याज सहित 13 लाख रुपये जमा करने थे। बीते 13 सितंबर को वह 12 लाख रुपये लेकर कंपनी के हजारीबाग स्थित ऑफिस गए, लेकिन उनसे कहा गया कि अब एकमुश्त 13 लाख रुपये जमा किए जायेंगे अन्यथा ट्रैक्टर को जब्त कर लिया जाएगा।

जोनल मैनेजर ने ट्रैक्टर चालक से मोनिका को रौंदते हुए गाड़ी बढ़ाने को कहा

इसके बाद मिथिलेश घर लौटकर और पैसे जुटाने की तैयारी में जुटे थे कि 15 सितंबर को कंपनी के रिकवरी एजेंट सिजुआ स्थित एक पेट्रोल पंप पर खड़े उनके ट्रैक्टर को खींचकर ले जाने लगे। इसकी जानकारी मिलने पर मिथिलेश अपनी विवाहिता पुत्री मोनिका के साथ वहां पहुंचे तो उन्होंने रास्ते में ट्रैक्टर ले जा रहे लोगों को रोककर उनसे बातचीत की। मिथिलेश मेहता ने तत्काल रुपये जमा करने की बात कही, लेकिन वे लोग ट्रैक्टर ले जाने पर अड़े रहे।

इस पर खुद को कंपनी का जोनल मैनेजर बताने वाले एक शख्स से मोनिका ने जब उनका आईडी मांगा तो वह गुस्से में आग बबूला हो गया और उसने ट्रैक्टर चालक को उसे रौंदते हुए गाड़ी बढ़ाने को कहा। चालक ने ऐसा ही किया। मोनिका बुरी तरह जख्मी हो गई। उसे पहले हजारीबाग मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया। गंभीर हालत देखते हुए उसे डॉक्टरों ने रांची के लिए रेफर कर दिया।

तीन महीने की गर्भवती थी मोनिका

मिथिलेश मेहता के अनुसार उनकी पुत्री तीन महीने की गर्भवती थी। मोनिका के पति कुलदीप असम में गाड़ी चलाते हैं। पुलिस ने मिथिलेश मेहता का फर्द बयान लिया है और FIR दर्ज करने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में महिंद्रा फाइनेंस के स्थानीय अफसरों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल बंद पाया गया। हजारीबाग के एसपी मनोज रतन चोथे ने कहा है कि यह बेहद गंभीर घटना है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

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