खाकी पर दाग: राजस्थान में 50 लाख लेकर छोड़े आरोपी, छत्तीसगढ़ में ठगों को VIP ट्रीटमेंट

अलवर एसपी ने 19 जुलाई को बदमाशों को पकड़ने और उनसे करीब 50 लाख रुपये वसूलने के आरोप में कोतवाली थानाप्रभारी महेश शर्मा और हेड कांस्टेबल जान मोहम्मद को निलंबित किया । छत्तीगढ़ में ठगी के मामले में जेल में बंद चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर और मैनेजर को पुलिस ने दिया वीआईपी ट्रीटमेंट ।
महेश शर्मा और जान मोहम्मद।
महेश शर्मा और जान मोहम्मद।

राजस्थान में एक बार फिर खाकी को शर्मसार करने का मामला सामने आया है । इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल ने दो आरोपियों को 50 लाख रुपये लेकर रिहा कर दिया । जब एसपी तक पूरे मामले की बात पहुंची तो जांच के आदेश दिए गए। जिसके बाद प्राथमिकी की जांच के आधार पर थानाप्रभारी महेश शर्मा और हेड कांस्टेबल जान मोहम्मद को निलंबित कर दिया गया । फिलहाल पुलिस मामले की विस्तार से जांच कर रही है।

ट्रक लूटने का आरोप

अलवर एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि 10 जुलाई को कोतवाली थाना प्रभारी महेश शर्मा व हैडकांस्टेबल जान मोहम्मद ने ट्रक लूट के दो आरोपितों को गिरफ्तार किया था । जिसकी कार से कांस्टेबल जान मोहम्मद और एसएचओ महेश शर्मा को 50 लाख मिले। ऐसे में पुलिस अधिकारी महेश शर्मा और हेड कांस्टेबल जान मोहम्मद ने बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की धमकी दी । जिसके बाद बदमाशों ने 50 लाख रुपये दे दिए। ऐसे में अगले ही दिन पुलिस अधिकारी ने उसे रिहा कर दिया।

एसपी ने की गोपनीय कार्रवाई

इसके बाद दोनों की गोपनीय जांच की गई। मुख्य रूप से दोनों आरोपित साबित हुए। दोनों से लाखों रुपये वसूल करने की बात कही जा रही है । हालांकि, पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि दोषी पुलिसकर्मियों द्वारा रिहा किए गए दो आरोपी कौन थे। दरअसल यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी रही। कुछ लोगों ने तो यहां तक ​​कह दिया कि आरोपी को पकड़ने वाली पुलिस अब अवैध वसूली कर रही है ।

छुट्टी पर गए थे एसएचओ, हैड कांस्टेबल भरोसे का था

थानेदार महेश शर्मा के 50 लाख की वसूली की जानकारी जैसे ही उच्चाधिकारियों को हुई। इसलिए महेश 3 दिन की छुट्टी लेकर चला गया। वही हेड कांस्टेबल जान मोहम्मद महेश शर्मा के सबसे भरोसेमंद व्यक्ति थे। दोनों हमेशा साथ रहते थे। कई आरोपितों को रिहा करने के एवज में हेड कांस्टेबल पहले ही मोटी रकम वसूल कर चुका है।

इधर छत्तीसगढ़ पुलिस सवालों के घेरे में

20 हजार लोगों को से 110 करोड़ की ठगी के मामले में रायपुर जेल में बंद चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर अमनदीप और उसके मैनेजर को कोर्ट में पेशी के बहाने वीआईपी ट्रीटमेंट की व्यवस्था करवाने वाले चार कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया है । इन पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच की जिम्मेदारी लाइन डीएसपी को दी गई है ।

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