MATHURA: मिनी पाकिस्तान में बदला मथुरा का एक गांव, हिंदुओं को धमकाते हैं "इस्लाम कबूल करो या गांव छोड़ो"

मथुरा के महरौली गांव में एक हिंदू बुजुर्ग को 10-12 लोगों ने मिलकर धमकी दी है कि या तो इस्लाम कुबूल करो या गांव छोड़ दो। इस बुजुर्ग पर धर्म बदलने के लिए दवाब डाला जा रहा है और उसे डराया धमकाया भी जा रहा है। क्योंकि उस गांव में 90 प्रतिशत मुस्लिम समाज रहता है।
पीड़ित तेजराम, उसके द्वारा दी गई शिकायत
पीड़ित तेजराम, उसके द्वारा दी गई शिकायत क्रेडिट- ऑपइंडिया

मथुरा के महरौली गांव में एक हिंदू बुजुर्ग को 10-12 लोगों ने मिलकर धमकी दी है कि या तो इस्लाम कुबूल करो या गांव छोड़ दो। इस बुजुर्ग पर धर्म बदलने के लिए दवाब डाला जा रहा है और उसे डराया धमकाया भी जा रहा है। क्योंकि उस गांव में 90 प्रतिशत मुस्लिम समाज रहता है।

कोसीकलां थाना क्षेत्र के महरौली के रहने वाले 60 वर्षीय तेजराम को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होनें पुलिस में शिकायत दी तो इन शांतिप्रिय लोगों ने उसको घर में जाकर पीटा और पूछा कि तुमने शिकायत करके क्या उखाड़ लिया। पुलिस ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

सरकार ने प्लॉट क्या दिए, गांव को पाकिस्तान समझ लिया

कोसीकलां के महरौली गांव में करीब 18 साल पहले सरकार ने मुसलमानों को गांव में सरकारी प्लॉट दिए थे । 18 साल में वहां मुस्लिम जनसँख्या इतनी बढ़ गई कि अब हिंदुओं को भगाने की धमकी दी जाने लगी है।

वो लोग शायद ये भूल गए हैं कि गांव में उनकी संख्या बढ़ जाने से वो गांव पाकिस्तान नहीं बन जाता जो वो किसी को इस तरह भगाएंगे या इस्लाम जबर्दस्ती कबूल करवाएंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ समय पहले गाँव के ही ताहिर, तारिफ, आशी, आमिर, इदरीश, गुन्ना, आमिर, अमसर, बब्बू, शब्बीर व सग्गन ने तेजराम के प्लॉट के पेड़ काट लिए। गाँव के ही गोधरन नाम के एक व्यक्ति के खेतों की मेड तोड़ कर अपने खेत में मिला लिया।

इस घटना की शिकायत तेजराम ने पुलिस और पटवारी से की थी। इससे शांतिप्रिय समाज के लोग नाराज हो गए और आशी, तारिफ, आमिर, इदरीश समेत अन्य लोगों ने तेजराम के घर में घुसकर मारपीट की, गालियां दी और पूछा कि तुमने पुलिस को शिकायत कर क्या उखाड़ लिया।

“इस्लाम कुबूल करो या गांव छोड़ दो”

जब वो शांतिप्रिय लोग घर में घुसकर मारपीट कर रहे थे तो पड़ोसियों ने पड़ोसी धर्म निभाने की कोशिश की तो उन्हें भी धमका दिया गया।

तेजराम के मुताबिक हमलावरों ने कहा, “ये गाँव हमारा है। यहाँ हमारे तौर-तरीकों से रहना होगा। हम मुस्लिम यहाँ 90% हैं। ज्यादा परेशान करोगे तो जान और जमीन से हाथ धो लोगे। हमारे मजहब में आ जाओ या ये गाँव छोड़ कर चले जाओ।”

शिकायत के मुताबिक हमलावरों ने जाते-जाते तेजराम के घर का सामान भी तोड़ डाला।

मनचाहे उसको पीट देते हैं "शांतिप्रिय समाज के लोग"

तेजराम के अनुसार कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ भी मारपीट और धमकाने की घटना हो चुकी है। लेकिन आरोपितों के डर से कोई आगे नहीं आता। उन्होंने आरोपितों के पास हथियार होने और स्थानीय अपराधियों से संपर्क उनके का भी दावा किया है।

साथ ही आरोप लगाया है कि कोसीकलां पुलिस और राजस्व कर्मचारी भी आरोपितों के दबाव में काम करते हैं। तेजराम की शिकायत पर मथुरा पुलिस ने थाना प्रभारी कोसीकलां को जाँच और जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मुस्लिम प्रधान भी आरोपियों का देता है साथ

एक न्यूज वेबसाइट से बात करते हुए तेजराम ने बताया, “जब वे युवा थे तब गाँव में इतनी मुस्लिम आबादी नहीं थी। बाद के सालों में न केवल मुस्लिमों की आबादी तेजी से बढ़ी है, बल्कि गाँव के कुछ हिंदू घर छोड़कर जाने को भी मजबूर किए गए हैं।

करीब 20 साल से गाँव में हिन्दू प्रधान नहीं बना है। वर्तमान मुस्लिम प्रधान भी आरोपितों का ही साथ देता है।” उनका दावा है कि कुछ समय पहले मुस्लिमों ने एक दलित महिला को बुरी तरह पीटा, फिर उसे समझौता करने को मजबूर किया।

हिंदुओं को फँसाने के लिए फर्जी केस भी कई बार दर्ज करवाने की बात उन्होंने कही है।

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