"ज्ञानवापी पर मंदिर ही बनेगा"- सुब्रह्मण्यम स्वामी! इनकी भविष्यवाणी कभी झूठी नहीं निकली, घोटाले उजागर करने में स्वामी को हासिल है महारत

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने बयान दिया है कि ज्ञानवापी पर मंदिर ही बनेगा। पहले भी कई बार स्वामी के बयान ही कोर्ट के फैसले के रूप में सामने आए हैं। स्वामी ने भारत में 2जी समेत कई घोटालों को उजागर किया है।
स्वामी ने ज्ञानवापी को लेकर दिया बयान
स्वामी ने ज्ञानवापी को लेकर दिया बयान

सुब्रह्मण्यम स्वामी के बयान ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। देश के वरिष्ठ वकील और भाजपा नेता ने आज बयान देते हुए कहा कि ज्ञानवापी पर मंदिर ही बनेगा

ज्ञानवापी मामले पर चल रही सुनवाई में हिन्दू पक्ष आशान्वित है और साक्ष्य भी हिन्दू पक्ष के हक में दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सुब्रह्मण्यम स्वामी का बयान काफी मायने रखता है।

बता दें कि सुब्रह्मण्यम स्वामी एक वरिष्ठ वकील है, जो कि हर मुद्दे के पक्ष विपक्ष को तोल कर ही बयान देते हैं। सुब्रह्मण्यम स्वामी ही वो शख्स हैं जो आठ साल से कह रहे थे कि अयोध्या में राम मंदिर ही बनेगा और वही हुआ।

तारीख गवाह है सुब्रह्मण्यम स्वामी के बयान ही हमेशा से ऐसे कई मुद्दों पर फैसला बन कर निकले हैं। इसके अलावा सुब्रह्मण्यम स्वामी ने देशभर में कई बड़े घोटालों को उजागर किया है। 2जी, ईवीएम और इस समय देश में चर्चा का विषय बना हुआ नेशनल हेराल्ड केस के खिलाफ भी सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में केस दर्ज किए हैं और देश को इन घोटालों से अवगत कराया है।

राम मंदिर को लेकर पहले ही दे दिया था बयान

स्वामी 8 साल से कह रहे  थे राम मंदिर बनने की बात
स्वामी 8 साल से कह रहे थे राम मंदिर बनने की बात

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई बार भारत का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद सुब्रह्मण्यम स्वामी धार्मिक मुद्दों पर बेबाकी से बयान देते हैं। उनके यही बयान उनको और नेताओं से अलग खड़ा करते हैं।

राम मंदिर जैसे विवादित मुद्दे पर भी लगभग 8 साल पहले से ही स्वामी बयान दे रहे थे और बार बार राम मंदिर ही बनने की बात कह रहे थे।

सुब्रह्मण्यम को कई बार इस मुद्दे को लेकर बेबाकी से बयान देते हुए देखा गया है। सुब्रह्मण्मय लगातार अपने बयानों से चर्चा में बने रहते हैं।

अब ज्ञानवापी को लेकर दिया बयान

"ज्ञानवापी पर मंदिर ही बनेगा"- सुब्रह्मण्यम स्वामी
"ज्ञानवापी पर मंदिर ही बनेगा"- सुब्रह्मण्यम स्वामी

बता दें सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कोर्ट के फैसले आने से पहले ही कई मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी जो कि लगभग हर बार सच निकली।

अब ज्ञानवापी को लेकर उन्होने बड़ा बयान दिया है। स्वामी ने कहा है कि ज्ञानवापी पर मंदिर ही बनेगा। हालांकि कोर्ट में हिन्दू पक्ष मजबूत पक्ष में है, सबूत और साक्ष्य भी हिन्दू पक्ष के साथ ही दिखाई दे रहे हैं।

भाजपा नेता का इस बयान के काफी मायने देखे जा रहे हैं। अब देखना होगा कि इस क्या इस बार भी सुब्रह्मण्यम स्वामी का बयान फैसला बनकर निकलेगा या फैसला कुछ और होगा?

नेशनल हेराल्ड को उजागर करने स्वामी का है बड़ा रोल

स्वामी ने दायर की थी नेशनल हेराल्ड को लेकर पहली याचिका
स्वामी ने दायर की थी नेशनल हेराल्ड को लेकर पहली याचिका क्रेडिट - बार एंड बीच

देशभर में इस समय नेशनल हेराल्ड केस और कांग्रेस नेताओं से हो रही पूछताछ चर्चा का विषय बनी हुई है।

बता दें कि इस मुद्दे को उजागर करने में भी स्वामी का बड़ा हाथ है। स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले पर सुनवाई की मांग की थी। बाद में ये एक बड़ा घोटाला निकला जिसपर अब सुनवाई चल रही है।

स्वामी ने 6 साल पहले केस दायर करते हुए कह दिया था कि इस मामले में सोनिया और राहुल को जेल जाना पड़ेगा।

2जी घोटाले का किया खुलासा

सुब्रह्मण्यम स्वामी का 2जी घोटाले को उजागर करने में बड़ा हाथ था।
सुब्रह्मण्यम स्वामी का 2जी घोटाले को उजागर करने में बड़ा हाथ था।

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने विशाल 2 जी घोटाले को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उन्होंने स्पेक्ट्रम घोटाले के बारे में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखकर आगाह किया था और पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा के ख़िलाफ़ मामला दाख़िल करने की इजाज़त मांगी थी लेकिन उन्हें लंबे समय तक कोई जवाब नहीं मिला।

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा था कि उन्होंने मनमोहन सिंह को ये ख़त 29 नवंबर, 2008 को लिखा था लेकिन उन्हें इसका जवाब 19 मार्च, 2010 में मिला जिसमें उनकी अर्ज़ी को "समय पूर्व" बताया गया।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया था कि इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी छानबीन कर रही है। बता दें कि बाद में इसी मामले में ए राजा की गिरफ़्तारी हुई।

इस तरह से सुब्रह्मण्यम स्वामी ने देश सबसे बड़े घोटालों में से एक घोटाले को उजागर किया।

2009 में EVM गड़बड़ी का किया था खुलासा

साल में 2009 में कांग्रेस पर स्वामी ने EVM में गड़बड़ी करने  के गंभीर आरोप लगाए थे।
साल में 2009 में कांग्रेस पर स्वामी ने EVM में गड़बड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए थे।

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ही देश में पहली बार ईवीएम में हुई गड़बड़ी से अदालत का सामना कराया था।

स्वामी ने 2009 के चुनावों में भाग लेने को लेकर एक बड़ा बयान दिया था। स्वामी ने पब्लिकली कहा था कि 2009 के चुनावों में कांग्रेस बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी करके चुनाव जीतने वाली है इसलिए चुनाव लड़ने का कोई फायदा नही है।

बाद में 2013 के अंत में स्वामी को ईवीएम में गड़बड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में जीत हासिल हुई।

सर्वोच्च न्यायलय ने निर्णय दिया की वोटिंग मशीन में रसीद प्रिंट की जाएगी जिसे बैलेट बॉक्स में डाला जायेगा। अगर चुनाव में गड़बड़ी की आशंका होगी तो बैलेट बॉक्स में गिनती की जाएगी। इस तरह से ईवीएम घोटाला उजागर हुआ।

स्वामी, इन्हें कोई पकड़ नहीं पाया!!

आपातकाल में संसद में वेष बदल कर घुसे थे स्वामी।
आपातकाल में संसद में वेष बदल कर घुसे थे स्वामी।

सुब्रहमण्यम स्वामी से इमरजेंसी के समय का एक और रोचक हिस्सा जुड़ा हुआ है। आपातकाल के समय जनता को जागरूक करने के लिए एक अहम फैसला लिया था।

उन दिनों स्वामी के खिलाफ वारंट जारी था। ऐसे में उन्होने एक फैसला लिया कि वो संसद में जाकर दो मिनट का भाषण देंगे और फिर गायब हो जाएंगे।

हुआ भी कुछ ऐसा ही, वारंट जारी होने के बावजूद स्वामी संसद में घुसे और भारत में प्रजातंत्र की हत्या होने की बात होने कहकर वहां से निकल गए।

इसके बाद वो नेपाल के रास्ते अमेरिका पहुंच गए और पुलिस की पकड़ में नहीं आए। इस घटना से लोगों को एक नया बल मिला और वे आपातकाल के समय एक नायक बन गए।

मुद्दे जिनको उजागर करने में स्वामी की अहम भूमिका थी

स्वामी ने कई घोटालों को किया था उजागर
स्वामी ने कई घोटालों को किया था उजागरक्रेडिट - न्यूजलॉन्ड्री

स्वामी ने देशभर में कई मुद्दों को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई थी। 2जी घोटाला, ईवीएम गड़बड़ी और नेशनल हेराल्ड केस के अलावा स्वामी ने कई मुद्दे और घोटालों को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई है।

  • 2जी घोटाला

  • वोटिंग मशीन में गड़बड़ी

  • ऐयरसेल मैकसिस घोटाला

  • निर्भया दिल्ली गैंग रेप केस

  • हेलीकाप्टर घोटाला

  • नेशनल हेराल्ड घोटाला

  • हाशिमपुरा नरसंहार

  • राम सेतु को टूटने से बचाना

  • अयोध्या राम मंदिर

  • धर्मांतरण पर रोक

  • LTTE को भारत से भागना

  • जयललिता के भष्टाचार के खिलाफ केस

  • संत आसाराम बापू केस

  • ताजमहल शिवमंदिर है की जाँच

  • भारतीय मीडिया के विदेशी मालिको पर प्रतिबंध

  • मंदिरों पर सरकार के अतिक्रमण का विरोध

  • सोनिया गाँधी के नकली जन्म स्थान, तिथि का मुद्दा

  • सोनिया गाँधी के भारतीय नागरिक न होने का मुद्दा

  • सोनिया गाँधी के गलत शैक्षिनिक जानकारी देने का मामला

हिंदूओं का पक्ष लेने पर हार्वर्ड से हटा दिया गए थे

2011 तक स्वामी ने हार्वर्ड में पढ़ाया था
2011 तक स्वामी ने हार्वर्ड में पढ़ाया था

2011 तक स्वामी हार्वर्ड में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे। उन्हें हार्वर्ड विश्वविद्यालय से हटा दिया गया था क्योंकि स्वामी ने मुसलमानों को मतदान से वंचित करने का प्रस्ताव दिया था जब तक कि वे हिंदू पूर्वजों से संबंधित न हो।

हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने डॉ स्वामी द्वारा पढ़ाए गए दो ग्रीष्मकालीन अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम अपने पाठ्यक्रम से हटा दिए। इस तरह से मुसलमानों का विरोध करने पर उनको हार्वर्ड से हटा लिया गया था।

एक और रोचक किस्सा उनके साथ चीनी भाषा को लेकर भी जुड़ा हुआ है। उन्हें एक साल के अंदर दुनिया की सबसे कठिन भाषा यानि चीनी भाषा को सीखने की चुनौती दी गई थी। स्वामी ने 3 महीने में इसमें महारत हासिल कर ली थी।

कैलाश मानसरोवर का रास्ता खुलवाया

कैलाश यात्रा करने वाले पहले यात्री थे सुब्रह्मण्यम स्वामी
कैलाश यात्रा करने वाले पहले यात्री थे सुब्रह्मण्यम स्वामी क्रडिट - @Swamy39

कैलाश मानसरोवर जो कि हिन्दुओं के लिए एक पूज्यनीय स्थल है। उसके चीन के कब्जे में होने की वजह से चीन ने भारत को प्रतिबन्धित कर रखा था।

स्वामी ने मोरारजी सरकार मे रहते हुए चीन के सामने कैलाश मानसरोवर का रास्ता खोलने का प्रस्ताव रखा था।

3 सालों तक चीन के साथ बात करने के बाद चीन ने कहा की ठीक है रास्ता खोल देंगे अगर डॉ॰ स्वामी खुद कैलाश मानसरोवर जायें।

उसके अप्रैल 1981 में डॉ॰ स्वामी पहले कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वाले भारतीय बने और उसके बाद चीन ने कैलाश मानसरोवर भारत के लिए खोला। इस तरह से डॉ. स्वामी ने हिन्दुओं के लिए मानसरोवर का रास्ता खुलवाया।

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