देश की सेहत से खिलवाड़‚ आप खा रहे हैं मिलावटी तेलǃ-FSSAI का दावा

FSSAI ने कहा , देश के 587 जिलों और चार मेट्रो शहरों से 15 तरह के खाद्य तेलों के 4,461 नमूने लिए गए थे। इसमें से 2.42 फीसदी यानी 108 नमूनों को पूरी तरह खराब पाया गया। इनमें आफ्लाटॉक्सिन्स, कीटनाशक जैसे घातक रसायन और बड़ी मात्रा में भारी मेटल पाए गए, जो सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
देश की सेहत से खिलवाड़‚ आप खा रहे हैं मिलावटी तेलǃ-FSSAI का दावा

खाद्य तेल 

खाद्य तेल बाजार में कच्चे तेल,परिष्कृत तेल और वनस्पति का कुल अंश मोटे तौर पर 35%,55% और 10% तक अनुमानित है. खाद्य तेल की घरेलु मांग का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा बाहर से आयात किया जाता है. जिसमें पाम तेल\पामोलीन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा है.

घर की रसोई इंसान के लिए आयुर्वेद में, स्वास्थ्य के लिए हर तरीके से आपके लिए लाभदायक है और उसी रसोई में हम खाने के लिए सबसे अच्छे खाद्य तेल का भी उपयोग करते हैं. क्या आपको पता है जो सबसे मंहगा और सबसे जरुरी खाद्य तेल पर बाजार से खरीद रहे हैं, वो आपकी सेहत बनाने के बजाए आपकी स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बुधवार को एक रिपोर्ट की. जिसमें बताया कि देशभर से लिए गए नमूनों में से 24.2 फीसदी नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे.

<div class="paragraphs"><p>FSSAI ने लिए थे 4461 नमूने&nbsp;</p></div>

FSSAI ने लिए थे 4461 नमूने 

FSSAI के अनुसार, देश के 587 जिलों और चार मेट्रो शहरों से 15 प्रकार के खाद्य तेलों के 4,461 नमूने लिए गए. इसमें 2.42% यानी की 108 नमूनों को पूरी तरह खराब पाया गया. इन तेलों में आफ्लाटॉक्सिन्स, कीटनाशक घातक रसायन और काफी संख्या में मेटल पाए गए, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं. इतना ही नहीं 24.2% यानी 1,080 नमूनों की क्वालिटी बेहद खराब मिली. इन नमूनों में हाईड्रोसाइनिक एसिड मिला, जो एक तरह का जहरीला केमिकल है। इसके अलावा BR रीडिंग, फैटी एसिड प्रोफाइल और आयोडीन वैल्यू जैसे और भी अवयव तय लिमिट से ज्यादा मिले, जो स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।

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कुल नमूनों में से 572 नमूनों पूरे नहीं किए दावे -

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने अनुसार, कुल नमूनों में से 12.8 फीसदी लगभग 572 में उत्पाद के लेबल पर किए गए दावों पर वो खरा नहीं उतरे. इनमें विटामिन ए और डी मिलने का लेबल पर दावा किया था, लेकिन जांच में ये सभी दावे फेल हुए. जिन्हे मिसब्रांडिंग श्रेणी में रखा गया. वहीं कई खाद्य तेलों में अन्य तेल अथवा केमिकल की मिलावट दिखी, जबकि कुछ सेल्फ लाइफ जैसे मानकों को पूरा नहीं कर सके।

वही जयपुर के CMHO नरोत्तम शर्मा ने मिलावटी तेल पर कहा की उनकी टीम लगातार मिलावट करने वालो पर कार्रवाई कर रही है साथ ही यह बताया की अगर आपके पास कहीं भी कोई मिलावट हो रही है तो आप CMHO Office में शिकायत कर सकते है.

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खाद्य तेल 

टीम ने इन अलग-अलग जगहों से इन तेलों के उठाए नमूने उठाए -

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने 25 से 27 अगस्त 2020 के बीच देश के अलग-अलग राज्यों से सरसों तेल, नारियल तेल, पाम तेल, मिश्रित तेल, बिनौला तेल, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, कुसुम तेल, मूंगफली तेल, कनोला तेल, राइस ब्रेन ऑयल, तिल का तेल, मक्के का तेल, अलसी का तेल व अन्य गैर सूचीबद्ध तेलों के नमूने लिए थे. जिसके बाद इन्हें जांच के लिए प्राधिकरण के अलग-अलग रजिस्टर प्रयोगशालाओं में भेजा गया, जहां सुरक्षा, गुणवत्ता और मिसब्रांडिंग जैसे मानकों पर इनका परीक्षण हुआ।

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कंपनियों से निगरानी की अपील

नमूनों की जांच करवाने के बाद एफएसएसएआई ने 9 सितंबर, 2021 को विभिन्न स्टेकहोलडर के साथ मीटिंग की। इसमें ऑयल सर्वे रिपोर्ट को शेयर कर कंपनियों से गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की. विभाग ने तेल उत्पादक कंपनियों से कहा कि मिलावट को लेकर उनकी तरफ से उचित कदम उठाए जाए. बैठक में राज्यों के खाद्य विभाग के अधिकारी, तेल प्रसंस्करण कंपनियों के प्रतिनिधि, संबंधित मंत्रालय और विभागों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।

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खाद्य तेल

FSSAI ने प्रवर्तन एजेंसियों को दिए जांच के आदेश -

FSSAI ने बड़ी मात्रा में मिलावट उजागर होने के बाद प्रवर्तन एजेंसियों और राज्यों की जांच इकाइयों को मिलावट रोकने के आदेश दिए हैं। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने एफएसएसएआई की अपील पर देशभर में खाने के तेलों की मिलावट पर रोक के आदेश जारी किए है. मंत्रालय की और से कहा गया है कि मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का नियम बनाया जाए और तकनीक व अन्य तरीकों से इस पर काबू पाया जाए।

<div class="paragraphs"><p>क्या करती है FSSAI </p></div>

क्या करती है FSSAI

चलिए जानते है क्या है FSSAI और कैसे करती है काम -

FSSAI यानि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की स्थापना 2006 में की गई थी. इसका उद्देश्य खाद्य सामग्री के लिए विज्ञान पर आधारित मानकों का निर्माण करना और खाद्या पदार्थों में को सही तरीकों से बेचा जाए उन पर ध्यान देना है. जिससे आम जनता को खाद्य सामान सहीं और शुद्ध मिल सके.

इसका मुख्यालय दिल्ली में है और पूरे देश में FSSAI के 8 ऑफिस(दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, गुवाहाटी, मुंबई, कोलकाता, कोच्चिन और चैन्नई) है साथ ही पूरे देश में 76 लैब है. FSSAI हर खाने वाली चीज के लिए लाइसेंस जारी करता है. जो लाइसेंस जारी किया जाता है. वह 14 नंबर का होता है. जो फूड पैकेट पर प्रिंट होता है. अगर आप खाने पीने का सामान ट्रांसपोर्ट करते है तो आपको इसका लाइसेंस लेना जरुरी है.

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