PM मोदी ने की न्याय प्रक्रिया को सरल बनाने की वकालत

विज्ञान भवन में पहली अखिल भारतीय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैठक (All India District Legal Services Authorities Meet) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया । पीएम ने कहा कि न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए तेज गति से किया जा रहा काम ।
PM मोदी ने की न्याय प्रक्रिया को सरल बनाने की वकालत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार 30 जुलाई को विज्ञान भवन में पहली अखिल भारतीय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैठक (All India District Legal Services Authorities Meet) के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया । इस दौरान उन्होंने कहा कि यह समय हमारी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे है । यह समय उन संकल्पों का है जो अगले 25 वर्षों में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग’ की तरह देश की इस अमृत यात्रा में भी ईज ऑफ जस्टिस का उतना ही महत्व है।

न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए तेज गति से किया गया काम

पीएम मोदी ने कहा, 'न्यायिक व्यवस्था तक पहुंच किसी भी समाज के लिए जितनी जरूरी है, न्याय दिलाना भी उतना ही जरूरी है। न्यायिक अवसंरचना का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान है। पिछले आठ वर्षों में देश के न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए तेजी से काम किया गया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है

प्रधानमंत्री ने कहा, 'देश में ई-कोर्ट मिशन के तहत वर्चुअल कोर्ट शुरू किए जा रहे हैं। यातायात उल्लंघन जैसे अपराधों के लिए 24 घंटे अदालतों ने काम करना शुरू कर दिया है। लोगों की सुविधा के लिए अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बुनियादी ढांचे का भी विस्तार किया जा रहा है।

प्रौद्योगिकी एक बड़ी भूमिका निभा सकती है

एक आम नागरिक को संविधान में अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए, अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिए, उसे अपने संविधान के बारे में पता होना चाहिए, और संवैधानिक संरचनाएं, नियम और उपाय, तकनीक भी इसमें एक बड़ी भूमिका निभा सकती है।

मुख्य न्यायाधीश और कानून मंत्री भी मौजूद रहे

डीएलए की बैठक के उद्घाटन सत्र में भारत के मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमना और केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहे और बैठक को संबोधित भी किया।

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