मेवात का कड़वा सच: पाक से भी बदतर हालत में हैं हिन्दू ? पूर्व जस्टिस की रिपोर्ट में कई चौकाने वाले खुलासे

पूर्व जस्टिस पवन कुमार द्वारा की गई मेवात में एक जांच रिपोर्ट पर 1 जून 2020 को एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया था। जिसमें पूर्व जस्टिस द्वारा मेवात क्षेत्र में मजहबियों द्वारा हो रहे दलितों पर अत्याचार पर एक रिपोर्ट मीडिया के सामने प्रस्तुत की थी, जिसमें चौकाने वाले खुलासे हुए थे। इसी रिपोर्ट को आप देखेंगे सिंस इंडिपेडेंस की सीरिज मेवात का कड़वा सच में
पूर्व न्यायाधीश पवन कुमार ने कहा मेवात में अनुसूचित जाति के लोगों के साथ अत्याचार हो रहा है। महिलाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है।
पूर्व न्यायाधीश पवन कुमार ने कहा मेवात में अनुसूचित जाति के लोगों के साथ अत्याचार हो रहा है। महिलाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है।

पहले पाकिस्तान और अब बांग्लादेश से आए दिन हिन्दुओं पर अत्याचार की खबरें आती रहती हैं। लेकिन भारत में भी एक ऐसा हिस्सा है जहां पर दलितों के हालात बद से बदतर हो रहे हैं। यह बात हम नहीं बल्कि पूर्व जस्टिस द्वारा जारी की गई एक प्रेस रिलीज में हुआ है।

किस रिपोर्ट में किया गया है जिक्र

1 जून 2020 को विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता के द्वारा ट्वीटर पर एक रिपोर्ट को शेयर किया गया था। जैसे ही यह रिपोर्ट वायरल हुई, उसके बाद कई तरह के खुलासे हुए। जिसको देख कर कोई भी चौंक जाएगा, और इस बात को सोचने पर मजबूर हो जाएगा कि आखिर यह रिपोर्ट सच में इस रिपोर्ट में भारत के ही किसी हिस्से का जिक्र हो रहा है या ये पाकिस्तान में हिन्दूओं पर अत्याचार की है। यह रिपोर्ट विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष विनोद बंसल ने 1 जून 2020 को ट्वीट की थी। जिस कमेटी का इस रिपोर्ट में जिक्र है उसका गठन हरियाणा श्री वाल्मीकि महासभा के द्वारा किया गया था।

कमेटी में 4 सदस्य शामिल

पूर्व जस्टिस पवन कुमार की अगुवाई वाली इस कमेटी में 4 सदस्यीय शामिल थे। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारियों से पता चलता है कि मुस्लिम बहुल मेवात के अंदर किस तरह से हिंदुओं खासकर दलितों के सात अत्यचार किया जा रहा है। महिलाओं के साथ दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन की खबरें तो जैसे यहां सामान्य सी घटना नजर आती हैं, ऐसा लगता है जैसे की हम भारत नहीं बल्कि पाकिस्तान से आ रही खबरों को पढ़ रहे है।

  • पवन कुमार, पूर्व न्यायधीश (जांच समिति का अध्यक्ष)

  • सुल्तान बाल्मीकि, अध्यक्ष, वाल्मीकि महापंचायत हरियाणा

  • कन्हैया लाल आर्य, उपाध्यक्ष आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा

  • देवदत्त शर्मा अध्यक्ष बार एसोसिएशन, सोहना

क्यों किया गया जांच कमेटी का गठन

हरियाणा के मेवात में लगातार हिन्दू और दलितों पर हो रहे अत्याचारों की हकीकत को जानने के लिए हरियाणा श्री वाल्मीकि महासभा द्वारा पूर्व जस्टिस की अध्यक्षता में 4 सदस्य टीम का गठन किया था। जिसने 1 जून को गुरूग्राम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मेवात में दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।

डर इतना की बुलाने पर भी नहीं आए पीड़ित

पवन कुमार ने अपनी जांच में सर्व प्रथम 48 लोगों को चिन्हित किया। यह 48 लोग वो थे जो मेताव में किसी ना किसी घटना से पीड़ित थे। इन सभी लोगों को पूछताछ करने के लिए बुलाया गया। लेकिन कुछ लोगों में मेवात की दहशत इतनी थी कि महज 19 लोग ही जांच टीम के सामने बयान देने पहुंचे थे।

सिंस इंडिपेडेंस की सीरीज मेवात का सच

रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह से मेवात में लड़कियों ने डर के हालत में स्कूल जाना छोड़ दिया है। किसी तरह से एक पुलिस वाले के घर में एक लड़की से बलात्कार की घटना होने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसी के साथ किस तरह से प्रशासन मामलों में रिपोर्ट दर्ज नहीं करता है। अगर कोई रिपोर्ट दर्ज भी कर लेता है तो उस पर किस तरह से समझौते का दबाव बनाया जाता है। देखेंगे सिंस इंडिपेडेंस की सीरिज मेवात का कड़वा सच में। पवन कुमार के द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में कल बताएंगे आपको कि किस तरह से एक व्यक्ति को खुलेआम मौत के घाट उतारने के बाद पुलिस ने इसको हादसा बता कर रफा-दफा कर दिया था।

पूर्व न्यायाधीश पवन कुमार ने कहा मेवात में अनुसूचित जाति के लोगों के साथ अत्याचार हो रहा है। महिलाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है।
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