मुगलों के दिए घाव पर मोदी मरहम ! मुगलों ने किन किन मंदिरों को तोड़ा, जिनको मोदी चुन चुन के बनवा रहे ?

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में लगातार मंदिरों को भव्य करने का दौर चालू है। मोदी चुन चुन कर उन मंदिरों की काया पलट रहे हैं जिन पर कभी मुगलों ने हमला ने किया था। इस आर्टिकल में जाने किन किन मंदिरों का कायापलट मोदी सरकार के दौरान किया गया है जिनको कभी मुगलों ने ध्वस्त किया था ।
मुगलों के दिए घाव पर मोदी मरहम ! मुगलों ने किन किन मंदिरों को तोड़ा, जिनको मोदी चुन चुन के बनवा रहे ?

'इस देश की मिट्टी बाकी दुनिया से कुछ अलग है। यहां अगर औरंगजेब आता है तो शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं। अगर कोई सालार मसूद इधर बढ़ता है तो राजा सुहेलदेव जैसे वीर योद्धा उसे हमारी एकता की ताकत का एहसास करा देते हैं।'

महाकाल लोक का लोकार्पण करते समय प्रधानमंत्री मोदीी

कल महाकाल लोक का लोकार्पण हुआ और ये अंश प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का था। अपने लगभग 30 मिनट के इस भाषण में प्रधानमंत्री ने एक ही संदेश दिया कि जिन जिन विरासतों और मंदिरों को मुगलों और इस्लामी शासकों ने तोड़ा था उनका पुनर्निमाण मोदी करवा के रहेंगे।

महाकाल लोक मोदी सरकार का पहला और आखिरी प्रोजेक्ट नहीं है जिसने भारत की आत्मा को जिंदा करने का काम और देशवासियों को अपने धर्म, संस्कृति और इन मंदिरों के गौरव पर गर्व करने का मौका दिया है। 

इससे पहले काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और राममंदिर हमको ये मौका दे चुके हैं और महाकाल लोक के बाद अब केदारनाथ और चारधाम प्रोजेक्ट भी कुछ इसी तरह का गौरव प्रदान करेंगे। आज एक एक करके इन प्रोजेक्ट्स को बारे में जानते हैं।

1. उज्जैन में महाकाल लोक

महाकाल लोक से शुरू से करें तो पता चलता है सन 2017 में इसकी कल्पना की गई थी और 2022 में इसका लोकार्पण किया गया है। इस भव्य कॉरिडोर में 856 करोड़ रूपए का रेनोवेशन का काम किया गया है।

2. बनारस में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर इसी कड़ी का पिछला हिस्सा था। जहां 2019 में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के प्रोजेक्ट को शुरू किया गया था और दिसंबर 2020 में इसका लोकार्पण किया गया जहां काशी विश्वनाथ मंदिर से गंगा घाट तक 339 करोड़ रूपए की लागत से रिनोवेशन किया गया था।

इस मंदिर के बारे में बता दें कि सन 1669 में औरंगजेब ने ध्वस्त करवा दिया था जिसको 1780 में मराठा शासक अहिल्या बाई होल्कर ने दोबारा बन वाया था। इसी को भव्य रूप अब मोदी सरकार ने दिया है।

3. अयोध्या में राम मंदिर

राम मंदिर.... जिसके बारे में अगर बात करता तो शायद ये आर्टिकल अधूरा रहता । राम मंदिर के बारे में बताए तो पता चलता है ये विवाद सदियों पुराना है सन 1528 में अयोध्या में राम मंदिर को तोड़कर उस जगह मस्जिद बना दी गई थी ।

स्वतंत्रता के बाद भी राजनीतिक पार्टियां इस विवाद को वोटबैंक के चलते खींचती ही जा रही थी, आखिरकार मोदी के कार्यकाल में 2019 में राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हुआ और अगस्त 2020 में मोदी ने राममंदिर का शिलान्यास किया । 

4. सोमनाथ कॉम्पलेक्स

इसके अलावा सोमनाथ कॉम्प्लेक्स... जिसका उद्घाटन 2021 अगस्त में मोदी ने किया था .. इसमें पार्वती मंदिर का शिलान्यास, दर्शन पथ और एग्जीबिशन सेंटर का लोकार्पण शामिल है।

सोमनाथ को गजनी के 16 बार लूटा था ये तो आप जानते ही होंगे और इसी की ओर इशारा करते हुए इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा था कि आतंक का शासन हमेशा नहीं रहता ।

5. केदारनाथ रिनोवेशन प्रोजेक्ट

इधर मोदी ने केदारनाथ मंदिर का रिनोवेशन प्रोजेक्ट लॉन्च किया हुआ है जिसके अंतर्गत इशानेश्वर मंदिर, आस्था चौक में ओंकार की प्रतिमा, आदिगुरू शंकराचार्य की समाधि, शिव उद्यान और वासुकी ताल का निर्माण किया जा रहा है।

6. चारधाम प्रोजेक्ट

अब बात करते हैं चार धाम प्रोजेक्ट की । इस प्रोजेक्ट के जरिए केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री को जोड़ने का रास्ता बनाया जा रहा है। इसके लिए सभी मौसमों में चलने वाला रोड़ भी बनाया जा रहा है और इसके साथ रेल लाइन भी बनाई जा रही है।

दिसंबर 2016 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का 2025 में शुरू होने की संभावना है। ये सब वो मंदिर थे जिनका पुनरूद्धार मोदी सरकार में किया गया है और जिनकी नींव रखी गई है।

मुगलों के दिए घाव पर मोदी मरहम ! मुगलों ने किन किन मंदिरों को तोड़ा, जिनको मोदी चुन चुन के बनवा रहे ?
Election Symbol: उद्धव गुट को 'मशाल', शिंदे को ‘दो तलवारें-ढाल’; महाराष्ट्र उपचुनाव में कौन करेगा धमाल?
Since independence
hindi.sinceindependence.com