नहीं रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम: भ्रष्टाचार मामले गए थे जेल, ऐसा रहा राजनीतिक जीवन

Pandit Sukh Ram: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुख राम शर्मा का मंगलवार की मध्यरात्रि में निधन हो गया है। वे 94 साल के थे।
नहीं रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम: भ्रष्टाचार मामले गए थे जेल, ऐसा रहा राजनीतिक जीवन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुख राम शर्मा का निधन

Pandit Sukh Ram: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुख राम शर्मा का मंगलवार की मध्यरात्रि में निधन हो गया है। वे 94 साल के थे। सुख राम शर्मा के पोते आश्रय शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है।

बता दें कि बीते कुछ दिनों से सुख राम की तबीयत खराब थी। 4 मई को मनाली में ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, जिसके बाद उन्हें मंडी में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में लाया गया था। जहां सोमवार को दिल का दौरा पड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया था। एम्स में उनका इलाज चल ही रहा था की इसी दौरान मंगलवार देर रात सुखराम ने अपनी अंतिम सांस ली।

बुधवार सुबह 11 बजे पंडित सुखराम शर्मा के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर के ऐतिहासिक सेरी मंच पर रखा जाएगा। यहां पर स्थानीय नेता उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे।

1993 से 1996 तक संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रहे

पंडित सुखराम (Pandit Sukh Ram) का जन्म हिमाचल प्रदेश के कोटली में हुआ था। वे 1993 से 1996 तक संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रहे। वह हिमाचल प्रदेश के मंडी निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के सदस्य थे और उन्होंने 5 बार विधानसभा चुनाव और 3बार लोकसभा चुनाव जीता था। वह राजनेता अनिल शर्मा के पिता और अभिनेता आयुष शर्मा के दादा हैं।

राजनीतिक जीवन में आए कई उतार-चढ़ाव

सुखराम शर्मा का राजनीतिक जीवन संघर्षों से भरा था। वकील से राजनेता बने सुखराम के पॉलिटिकल करियर में काफी उतार-चढाव आए। अपने होम टाउन हिमाचल प्रदेश में वह काफी प्रभावी नेता रहे। वह दो दशक में चार बाद दल बदल करने वाले राजनेता रहे। वह 1967-1997 तक कांग्रेस में रहे। इसके बाद उन्होंने 1997 से 1998 में खुद की हिमाचल विकास कांग्रेस पार्टी बना ली।

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1998 के चुनाव में उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन किया। 2003 में वह वापस कांग्रेस में आए। 2017 में सुख राम शर्मा अपने पोते आश्रय शर्मा के साथ फिर से बीजेपी में शामिल हुए। इस वर्ष उन्होंने मंडी जिले की 10 में से 9 सीटों पर बीजेपी को जीत दिलाई थी। सुख राम शर्मा भाजपा शासन में हिमाचल प्रदेश के बिजली मंत्री भी रहे थे। हालांकि, 2019 में सुखराम परिवार कांग्रेस में आ गया था। वर्तमान में सुखराम के बेटे अनिल मंडी से बीजेपी के विधायक हैं।

भ्रष्टाचार मामलें में हुई थी 5 साल की जेल

1996 में मंडी लोकसभा सीट से दुबारा सांसद बनने के बाद सुखराम शर्मा को केंद्रीय दूरसंचार मंत्री बनाया गया। इसी वर्ष दूरसंचार घोटाले में उनका नाम आने के बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। इस घोटाले में सुखाराम को 2011 में 5 साल की जेल की सजा भी सुनाई गई थी

पोते आयुष शर्मा ने दादा को बताया था मजबूत व्यक्ति

सुखराम शर्मा के 2 पोते है जिनमें से एक राजनिती में तो एक बॉलीवुड में सक्रिय है। सुखराम के पोते आयुष शर्मा ने सलमान की बहन अर्पिता से शादी की है।

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया में सुखराम शर्मा (Pandit Sukh Ram) के निधन की खबरें चल रही थी।इन खबरों पर पोते आयुष शर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा था कि “मेरे दादा जी पंडित सुखराम एक मजबूत व्यक्ति हैं और वो हॉस्पिटल में पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनको लेकर चल रही खबरें और अफवाहों पर ध्यान न दें।” ऐसे में सुखराम शर्मा के निधन के बाद अब तक उनका कोई बयान सामने नहीं आया है।

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