राजस्थान: मंत्रियों से MLA खफा, कांग्रेस विधायकों ने काम नहीं होने की CM से की शिकायत

प्रदेश के 40 विधायकों ने 2 दिन पहले मुख्यमंत्री से मिलकर मंत्रियों द्वारा उनके कामों में ढिलाई बरतने के प्रति जताई थी नाराजगी
राजस्थान: मंत्रियों से MLA खफा, कांग्रेस विधायकों ने काम नहीं होने की CM से की शिकायत

कांग्रेस विधायकों की मंत्रियों से नाराजगी अब खुलकर सामने आ रही है। कांग्रेस विधायक नौकरशाही के साथ-साथ मंत्रियों के काम से भी नाराज हैं। विभागों में लोगों के काम करने के तरीके पर विधायकों ने नाराजगी जताई है। सरकार की योजनाओं के साथ-साथ तबादलों को लेकर भी नाराजगी के स्वर उठ रहे हैं। 40 से ज्यादा विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिल चुके हैं और मंत्रियों की शिकायत कर चुके हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें मंत्रियों द्वारा सार्वजनिक कार्य नहीं करने, कार्यों को लटकाए रखने और विधायकों को जवाब नहीं देने की हैं।

बड़ी संख्या में विधायक मुख्यमंत्री से मिले
दो दिन पहले राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान के दिन बड़ी संख्या में विधायक मुख्यमंत्री से मिले और मंत्रियों की शिकायत की। इससे पहले भी विधायक आए दिन बैठकों में इसकी शिकायत कर रहे हैं। विकास कार्यों की धीमी गति के साथ ही कई विधायक तबादलों से नाराज भी हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, यूडीएच, पीडब्ल्यूडी जैसे विभागों में काम की गति और परियोजनाओं के शुरू नहीं होने पर विधायकों ने नाराजगी जताई है। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी को लेकर विधायक खुलेआम नाराजगी जता रहे हैं।

मंत्रियों के खिलाफ खुलकर बयान दे चुके यह विधायक

विधायकों ने तो यह शिकायत कर प्रतिक्रिया भी दी है कि इससे सरकार की कहानी बिगड़ रही है। सबको चुनाव में जाना है। चीजें जो पहले घोषित की जा चुकी हैं। इन्हें पूरा करना जरूरी है, लेकिन गति बहुत धीमी है। मंत्री राजेंद्र गुढ़ा, विधायक वाजिब अली, खिलाड़ी लाल बैरवा समेत कई विधायक मंत्रियों के खिलाफ खुलकर बयान दे चुके हैं।

छह महीने में क्या होगा?

अब विधानसभा चुनाव में डेढ़ साल से भी कम का समय बचा है, लेकिन काम होने में महज 11 महीने बचे हैं। विधायकों का तर्क है कि जिस तेजी से बजट से पहले काम को मंजूरी दी जाती है और धरातल पर उतारा जाता है, उसका राजनीतिक फायदा होता है। पिछले साल की घोषणाओं से वोटों के मामले में कोई फायदा नहीं हुआ। तो छह महीने में क्या होगा। इससे राजनीतिक लाभ होगा। इसलिए विधायक हर कार्य पर नजर रखते हुए लंबित कार्यों के लिए मंत्री-अधिकारियों के पास जाकर दबाव बना रहे हैं। चुनावी साल को लेकर विधायकों की चिंता को लेकर अब मंत्री निशाने पर आ गए हैं।

कई विधायक मंत्रियों को खरी खोटी सुना चुके है
मुख्यमंत्री से शिकायत करने वाले कई विधायक मंत्रियों को खरी खोटी सुना चुके है। फतेहपुर विधायक हकम अली ने कहा- कुछ मंत्री ऐसे हैं, जो काम करने में ढिलाई बरत रहे हैं। कई मंत्री काम में देरी करते हैं। कुछ मंत्रियों द्वारा विभागों में पत्र देर से पहुंचते हैं। कुछ बड़े विभाग हैं। वे देर से काम करते हैं। शहर के विधायक वाजिब अली ने कहा- कुछ मंत्रियों का ऐसा रवैया है। जैसे वह जीवन के मंत्री बन गए हों। ना मिलते है ना काम करते है। बीडी कल्ला ने काम नहीं किया, शिक्षा विभाग एक बड़ी समस्या है।

राजेंद्र गुढ़ा ने धारीवाल के अलाइनमेंट को बताया गलत

सैनिक कल्याण राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने हाल ही में कहा था- यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का अलाइनमेंट गड़बड़ा गया है। इसे ठीक किया जाएगा। कई और विधायकों ने भी धारीवाल के कामकाज को लेकर शिकायत की है। खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और जयपुर के कई विधायक भी धारीवाल से नाराज हैं।

मुख्यमंत्री का विधायकों का आश्वासन

सीएम अशोक गहलोत ने नाराज विधायकों को सब कुछ ठीक करने का आश्वासन दिया है। साथ ही तबादलों को लेकर नाराज विधायकों की नाराजगी दूर करने की बात भी कही गई है। गहलोत हर कार्यक्रम में कहते हैं कि विधायक मांगते थक जाएंगे, लेकिन मैं देते नहीं थकूंगा। विधायकों की नाराजगी इस बात से है कि सीएम के ऐलान के बाद जमीन पर जितनी तेजी से काम होना चाहिए उतना नहीं हो रहा। क्योंकि इस मिसिंग लिंक और गैप से नुकसान होगा।

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