करौली हिंसा पर सियासी फुटबॉल जारी,कांग्रेस ने नड्डा के दौरे को बताया कारण तो भाजपा ने दिग्गजों को दिया ग्राउंड रिपोर्ट का जिम्मा।

मीडिया पर पाबंदी लगाना गलत है मीडिया को रोका नहीं जा सकता। इस मामले को लेकर जयपुर में डीजीपी से वार्ता की जाएगी और मीडिया को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है
करौली हिंसा पर सियासी फुटबॉल जारी,कांग्रेस ने नड्डा के दौरे को बताया कारण तो भाजपा ने दिग्गजों को दिया ग्राउंड रिपोर्ट का जिम्मा।

करौली में 2 अप्रैल को हिन्दू नववर्ष पर बाइक रैली के दौरान हुए उपद्रव के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के निर्देशन में नियुक्त की गई भाजपा की छः सदस्यों की कमेटी मंगलवार को करौली पहुंची।

घटनास्थल का लिया जायजा
टीम ने घटनास्थल का जायजा लेकर जिला कलेक्टर और एसपी से मुलाकात की इसके बाद प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ सर्किट हाउस पहुंचे और मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के निर्देश पर तीन सांसद दो विधायक और एक पूर्व विधायक ने करौली पहुंचकर घटना की समीक्षा की है।

हिंदू नव वर्ष पर रैली पर पथराव क्यों?

राठौड ने घटना को निंदनीय बताते हुए लोमहर्षक बताया है। राठौड़ ने कहा कि 7 दिन पहले प्रशासन से अनुमति लेने और रोडमैप तैयार होने के बावजूद भी हिंदू नव वर्ष पर रैली पर पथराव क्यों हुआ इसकी जांच होनी चाहिए। राठौड़ ने कहा कि भाजपा तुष्टीकरण की राजनीति पर विश्वास नहीं करती है। कलेक्टर से मिलकर दो वीडियो ऐसे पेश किए गए हैं। जिसमें लोग पथराव कर रहे हैं फिर भी उनको गिरफ्तार नहीं किया गया है।

मीडिया पर पाबंदी लगाना गलत है मीडिया को रोका नहीं जा सकता। इस मामले को लेकर जयपुर में डीजीपी से वार्ता की जाएगी और मीडिया को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस दौरान करौली धौलपुर सासंद डॉ मनोज राजोरिया, सवाईमाधोपुर सांसद सुखबीर जौनपुरिया, भरतपुर सांसद रंजीता कोली, पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजलाल डिकोलिया, महामंत्री धीरेंद्र बैंसला सहित कई नेता मौजूद रहे।
प्रतिपक्ष उपनेता राजेंद्र राठौड़
नेटबदी से आमजन बेहाल
करौली मे हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष में निकाली जा रही बाइक रैली के दौरान हुए पथराव,चाकूबाजी, और आगजनी के बाद जिला प्रशासन द्वारा शांति बनाए रखने के लिए तुरंत कर्फ्यू लागू कर दिया। जिसके बाद कर्फ्यू के चौथे दिन शहर की आबाद रहने वाली सड़कें वीरान नजर आई। जगह जगह पुलिस का जाप्ता तैनात नजर आया। पुलिस की गाडियां सडको पर गश्त करती हुई नजर आई।

कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर कार्रवाई

सडको पर कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इधर जिला प्रशासन की तरफ से सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक दूध और दैनिक चीजों की सप्लाई की गई। परंतु कई जगहों पर प्रशासन की गाड़ी नहीं पहुंचने की वजह से लोगों को दैनिक चीज नहीं मिलने से भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

करौली जिले में अफवाहों की वजह से जिला प्रशासन ने नेटबंदी कर रखी है। जिस वजह से आमजन बेहाल नजर आए। उधर जिला कलेक्टर राजेन्द्र सिंह शेखावत ने कलेक्ट्रेट सभागार में शहर के प्रबुद्ध जनों की बैठक लेकर शांति बनाए रखने की अपील की। आपको बता दें कि करौली में 2 अप्रैल को मचे बवाल के बाद सरकार की तरफ से 50 पुलिस के अधिकारी सहित 1000 पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है जिससे शहर में शांति बनाई जा सके।

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