कोरोना से ठीक से उभरे भी नहीं और बढ़ गया स्वाइन फ्लू का खतरा,साल 2022 में मिले 91 पॉजिटिव मरीज

जून की इस भीषण गर्मी में स्वाइन फ्लू के मरीजों के मिलने से चिकित्सा विभाग हैरान है। कोरोना के बीच बढ़ते संक्रमितों के बीच 13 साल पहले अपने संक्रमण का कहर बरपा चुके स्वाइन फ्लू के मामले फिर से बढ़ते दिखाई दे रहे है।
कोरोना से ठीक से उभरे भी नहीं और बढ़ गया स्वाइन फ्लू का खतरा,साल 2022 में मिले 91 पॉजिटिव मरीज
photo - HT

राजस्थान में गर्मी अपने चरम पर है। जून की इस भीषण गर्मी में स्वाइन फ्लू के मरीजों के मिलने से चिकित्सा विभाग हैरान है। कोरोना के बीच बढ़ते संक्रमितों के बीच 13 साल पहले अपने संक्रमण का कहर बरपा चुके स्वाइन फ्लू के मामले फिर से बढ़ते दिखाई दे रहे है। प्रदेश में लोग अभी कोरोना से उबरें नहीं है। उससे पहले इस पुरानी बीमारी के फिर से दस्तक देने से मन में खौफ पैदा हो गया है।

दो मरीजों ने स्वाइन फ्लू के चलते तोड़ा दम

जयपुर, अलवर, दौसा, झुन्झुनू समेत प्रदेश के अन्य जिलों के अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के पिछले दो महीने मरीजों की संख्या 90 का आंकड़ा पार कर चुके है।

अकेले जयपुर में 70 पॉजिटिव मरीजों में कोरोना जैसे लक्षण जैसे निमोनिया, ऑक्सीजन की कमी और सांस में तकलीफ देखने को मिल रही है। इनमें से 2 लोग दम भी तोड़ चुके है। जिससे चिकित्सा विभाग के अधिकारी चिंता में है।

2018 में हुई थी 221 मौतें

साल 2018 की बात करें तो उस समय 2375 में से 221 की मौत, साल 2019 में 5092 में से 208 की मौत और वर्ष-2021 में 116 में एक की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरी और कोरोना का उतार-चढ़ाव भी प्रदेश में देखने को मिल रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग से बढ़ा म्यूटेशन का खतरा

बढ़ते संक्रमण पर एक्सपर्ट कहते है कि

स्वाइन फ्लू अब किसी एक मौसम का संक्रमण नहीं है। बाहर से आने वाले लोगों का बढ़ना और ग्लोबल वार्मिंग के कारण इसके म्यूटेशन का अंदेशा है। पहले कुछ बीमारियां किसी एक निश्चित मौसम में फैला करती थी लेकिन अब वैसा नहीं है।

फिलहाल बढ़ते स्वाइन फ्लू के मामलों के कारण अब राजस्थान का चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर है और अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। अब देखना होगा कब तक विभाग इन पर काबू पाता है

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