Archana Sharma Suicide Case:प्रसूता के पति को धारा 302 का पता नहीं, BJP नेता गिरफ्तार

अर्चना शर्मा सुसाइड केस में भाजपा नेता जितेंद्र गोठवाल को गिरफ्तार किया गया। मामले में प्रदेशभर के डॉक्टर अपने-अपने स्तर पर हड़ताल कर रहे है जिससे मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई है।
Archana Sharma Suicide Case:प्रसूता के पति को धारा 302 का पता नहीं, BJP नेता गिरफ्तार

जालोर से सुरेश धवल की रिपोर्ट. दौसा के लालसोट में निजी अस्पताल की एक महिला डॉक्टर अर्चना शर्मा के सुसाइड़ केस का मुद्दा अब गरमाता जा रहा है। बुधवार को प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों के सामने प्राइवेट और नर्सिंग कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें मामले में दोषियों को सजा दिलाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौपें गए। ऐसे में गुरुवार को भी दौसा में डॉक्टरों ने 2 घंटे तक हड़ताल की। इस दौरान अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइन लग गई।

डॉक्टरों की हड़ताल से बढ़ी मरीजों की मुश्किले

प्रदेश में महिला डॉक्टर द्वारा खुदकुशी मामले से गुस्साएं डॉक्टरों ने दौसा में 2 घंटे तक हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला अस्पताल के चेंबरों में मरीज डॉक्टरों के इंतजार में घंटो लाइन में खड़े रहें। इसी दरमियान कई मरीज गंभीर हालत में तड़पते हुए दिखाई भी दिखाई दिए। ऐसे में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

अर्चना शर्मा सुसाइड केस में भाजपा नेता जितेंद्र गोठवाल गिरफ्तार

गुरूवार को इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता जितेंद्र गोठवाल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक अन्य आरोपी राम मनोहर बैरवा को भी गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आज ही इन दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

सरकार ने उन्हें जानबूझकर फंसाया- जितेंद्र गोठवाल

मामले पर भाजपा नेता जितेंद्र गोठवाल का कहना है कि अर्चना शर्मा का सुसाइड केस काफी दुखद है और इसके दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब वे आंदोलन स्थल पर आए थे उससे पहले ही धारा 302 में मुकदमा दर्ज हो चुका था उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी को ट्रेन का टिकट भेजने की सजा मिली है। सरकार ने इसी कारण से उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाया है।

किसी अन्य व्यक्ति ने लिखी FIR, धारा 302 के बारे में पता ही नहीं- प्रसूता के पति

मामले पर मृतक प्रसूता के पति लालू राम का बयान भी सामने आया है। लालू राम का कहना है कि धारा 302 में मुकदमा दर्ज कराने के बात उन्होंने नहीं रखी थी क्योंकि वे जानते ही नहीं है कि धारा 302 का मतलब होता क्या है। ऐसे में किसी अन्य व्यक्ति ने FIR के लिए एप्लीकेशन लिखी थी जिस पर उन्होंने हस्ताक्षर किए थे।

वहीं दूसरी ओर बात करे तो लालसोट प्रकरण को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालचंद कायल ने लालसोट में कैंप कर दिया है। वे पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कहना है कि इस पूरे मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

कोटा के तीन बड़े अस्पतालों में बिगड़ी चिकित्सा व्यवस्था

कोटा से योगेंद्र महावर की रिपोर्ट. अर्चना शर्मा खुदकुशी प्रकरण में प्रदेशभर में डॉक्टरों ने कार्य का बहिष्कार किया, जिसके चलते कोटा तीनो बडे अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था गड़बड़ा गई। यहां ओपीडी के बाहर मरीजों की लम्बी कतारे भी लग गई। कई मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाया। मामले पर राजस्थान के चिकित्सक अपने-अपने स्तर पर इस पूरे प्रकरण की जांच निष्पक्ष तरीके से किए जाने और दोषियों को साजा दिलाने की मांग उठा रहे है।

कोटा में रेजीडेंट चिकित्सकों का कहना है कि एक गोल्ड मेडलिस्ट चिकित्सक अर्चना शर्मा ने उस मरीज को बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन मरीज की मौत हो गई। इसके बाद जो माहौल चिकित्सक के खिलाफ बनाया गया आने वाले समय में अगर इस पर सख्ती नहीं बरती गई तो दूसरे चिकित्सको पर भी इसका असर देखने को मिलेगा।

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