Digital Lok Adalat: पहली बार राजस्थान और महाराष्ट्र में डिजिटल लोक अदालत सेवा शुरू, अब घर बैठे मिलेगा न्याय

Digital Lok Adalat: अब आपको बार-बार कोर्ट जाने की चिंता नहीं, घर बैठे ही हो जाएगी सुनवाई और फैसला, देश में पहली बार राजस्थान और महाराष्ट्र में डिजिटल लोक अदालत की शुरूआत हो चुकी है।
Digital Lok Adalat: पहली बार राजस्थान और महाराष्ट्र में डिजिटल लोक अदालत सेवा शुरू, अब घर बैठे मिलेगा न्याय

अब आप घर बैठे भी कानूनी न्याय पा सकते है। देश में पहली बार भारत की पहली पूर्ण रूप से डिजिटल लोक अदालत की शुरूआत दो राज्यों राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 13 अगस्त की गई है।

जिसमें पहले ही दिन 69 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए। देश भर की विभिन्न अदालतों में मामलों की बढ़ती संख्या और लंबित मामलों को देखते हुए डिजिटल लोक अदालत, भारतीय न्यायिक प्रणाली के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी।

पहला दिन और 69 लाख मामले दर्ज

राजस्थान में डिजिटल लोक अदालत ने कुल 568 पीठों का गठन किया, जिसमें कुल 5,62,295 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 2,28,863 मामले पूर्व में थे और 3,33,432 मामले राज्य की विभिन्न अदालतों में लंबित थे।

महाराष्ट्र में डिजिटल लोक अदालत में कुल 63,99,983 ट्रैफिक चालान के मामले दर्ज किए गए। दुनिया की पहली जस्टिस टेक्नोलॉजी कंपनी होने का दावा करने वाली जुपिटिस ने इस डिजिटल लोक अदालत की मेजबानी की है।

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मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित ने की लॉन्च

एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ब्लॉकचैन द्वारा संचालित यह डिजिटल लोक अदालत जुलाई में जयपुर में आयोजित '18वीं अखिल भारतीय कानूनी सेवा प्राधिकरण' की बैठक के दौरान राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित द्वारा शुरू की गई थी।

यह पहली बार था कि लोक अदालतों को एंड-टू-एंड डिजिटल बनाया गया था यानी लोक अदालत (मुकदमों के दाखिल होने से लेकर जज स्तर पर न्याय करने तक) की प्रक्रिया में कोई भी घटना या कार्य शारीरिक रूप से आयोजित नहीं किया गया था।

आसान और प्रभावी हुई न्यायपालिका

ऐतिहासिक रूप से, लोक अदालतों से सभी के लिए न्याय पहुंचे, ये सुनिश्चित करने के लिए सबसे प्रभावी उपकरणों में से एक के रूप में माना जा रहा है। हालांकि, लोक अदालत का डिजिटल परिवर्तन सभी के लिए सुविधाजनक है।

इसने न केवल सभी के लिए न्याय तक पहुँचने में मदद की है बल्कि लोक अदालत में शामिल मूल और प्रशासनिक दोनों प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप से बदलकर देश में न्याय को आसान और प्रभावी बना दिया है।

भारतीय न्याय प्रणाली के इतिहास में सबसे बड़ा दिन- रमन अग्रवाल

जुपिटिस के संस्थापक और सीईओ रमन अग्रवाल ने इस बारे में कहा कि,"आज भारतीय न्याय प्रणाली के इतिहास में सबसे बड़ा दिन है, पहली डिजिटल लोक अदालत ज्यूपिटिस के सहयोग से शुरू की गई है। मुझे बहुत खुशी है कि डिजिटल लोक अदालत ने न केवल न्याय तक पहुंच में वृद्धि हुई है बल्कि विवादों के निपटारे में भी यह अहम भूमिका निभाएगा।

"उन्होंने कहा कि डिजिटल लोक अदालत के लिए उन्नत डेटा एनालिटिक्स टूल का प्रयोग किया गया है, जो बेहतर नीति निर्माण और डेटा-संचालित निर्णयों के लिए वास्तविक समय के आधार पर गहरी अंतर्दृष्टि, दृष्टिकोण और रुझान हासिल करने में मदद करेगा।

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