Rajasthan: मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान में कांग्रेस को झटका, पायलट के करीबी भाजपा में शामिल

Rajasthan News: सचिन पायलट का करीबी प्रोफेसर विक्रम सिंह गुर्जर की भाजपा में एंट्री कांग्रेस के लिए सदमे से कम नहीं है। यूं भी एक एक कर कांग्रेसी भाजपा ज्वाइन कर रहे हैं।
Rajasthan: मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान में कांग्रेस को झटका, पायलट के करीबी भाजपा में शामिल

Rajasthan News: हाल ही में राजस्थान में कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल हुए। सबसे ज्यादा चर्चा प्रोफेसर विक्रम सिंह गुर्जर की हो रही है, क्योंकि उन्हें परिवर्तित टेक्स्ट: सचिन पायलट के बारे में करीबी माना जाता है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया तो उन्होंने बगावत करके आरएलपी से चुनाव लड़ा और 18 हजार से अधिक मत मिले।

बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस को कई झटके लगे, जब कमलनाथ के करीबी नेताओं समेत कई नेता भाजपा में शामिल हो गए। कुछ ऐसा ही राजस्थान में भी देखने को मिल रहा है।

माना जा रहा है कि भाजपा टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र में किसी तरह की कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। इसी को लेकर विक्रम सिंह गुर्जर को भाजपा में शामिल कराया गया है। इतना ही नहीं, जालोर और दौसा से भी कई नेताओं ने भाजपा में शामिल हुआ है। वहीं भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि आज भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाजपा जॉइन किया है।

पीएम मोदी से प्रभावित हैं विक्रम सिंह

भाजपा जॉइन करने के बाद विक्रम सिंह गुर्जर ने कहा कि मैं पीएम मोदी की योजनाओं और नीतियों से प्रभावित रहा हूं। पीएम मोदी के काम को देखकर बीजेपी जॉइन किया है। विक्रम सिंह गुर्जर ने कहा कि अब किसी दल में नहीं जाने वाला हूं। यहां पर रहूंगा। बता दें कि विक्रम सिंह गुर्जर ने विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ी थी और बाद में आरएलपी जॉइन किया था। लोकसभा चुनाव से पहले अब विक्रम सिंह गुर्जर ने बीजेपी जॉइन कर लिया है।

इधर, रविंद्र सिंह भाटी ने दिए BJP में जाने का संकेत

शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी का बयान खासा चर्चा का विषय बना हुआ है। रविंद्र सिंह भाटी विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी से बगावत कर शिव विधानसभा से विधायक बने थे।

रविंद्र सिंह ने लोकसभा चुनाव की बात करते हुए कहा कि राजस्थान में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाएगी। वहीं बीजेपी के 25 सीटों के दावों पर चुप्पी साध ली। चर्चा है कि रविंद्र सिंह भाटी एक बार फिर लोकसभा चुनाव में ताल ठोकने का मन बना रहे हैं।

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