Rajasthan: कन्हैया के बेटों ने पहली बार किया मतदान, कहा- 'नई सरकार से न्याय की आशा'

Rajasthan Elections 2023: टेलर कन्हैया के हत्यारों को अब तक सजा नहीं मिली। इस बार मतदान का प्रयोग कर कन्हैया के दोनों बेटों ने नई सरकार से न्याय की उम्मीद जताई है।
Rajasthan: कन्हैया के बेटों ने पहली बार किया मतदान, कहा- 'नई सरकार से न्याय की आशा'

Rajasthan Assembly Elections 2023: बहुचर्चित कन्हैया हत्याकांड प्रदेश के विधानसभा चुनाव में इस बार सबसे बड़ा सियासी मुद्दा बनकर उभरा है। इसे लेकर काफी सियासत देखने को मिली। भाजपा ने इसे सियासी मुद्दा बनाकर चुनाव में प्रमुखता से उछाला।

पीएम मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लेकर तमाम बीजेपी लीडरों ने कन्हैया हत्याकांड को लेकर गहलोत सरकार को जमकर घेरा और आरोप लगया कि तुष्टीकरण के चलते गहलोत सरकार ने टेलर कन्हैया के हत्यारों को अब तक सजा नहीं दिलवाई। पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस में डरा सहमा बैठा है।

कहा, सियासी मुद्दा बनाया पर न्याय नहीं मिला

राजस्थान में आज शनिवार को मदतान हो रहे हैं। उदयपुर में मतदान के दौरान कन्हैया लाल टेलर के दोनों पुत्र यश और तरुण भी पहली बार मतदान करने पहुंचे। उन्होंने गोवर्धन विलास सरकारी स्कूल में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान कन्हैया लाल के बड़े बेटे यश ने कहा कि विधानसभा चुनाव में उनके पिता को सियासी मुद्दा बनाया गया, लेकिन हमें आज भी न्याय की आस है, जो भी सरकार राजस्थान में बने, वो हमारे पिता को न्याय दिलाए। डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी अभी तक आरोपियों को सजा नहीं मिली।

'हमारा परिवार आरोपियों को फांसी की आस में'

उन्होंने कहा कि हमें बताया गया था कि फास्ट्रेक कोर्ट में ले जाकर आरोपियों को सजा दिलाई जाएगी। अगर इस हत्याकांड को मुद्दा न बनाकर आरोपियों को सजा दिलाने में ज्यादा मदद की जाती तो हमारे लिए और अच्छा होता। वहीं कन्हैया के छोटे बेटे तरुण ने कहा कि आज भी हमारा परिवार आरोपियों को फांसी की सजा की आस में बैठा है।

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