Rajasthan Paper Leak: पेपर लीक मामलो में धड़ाधड़ा गिरफ्तारियां, एक और आरोपी दबोचा

Rajasthan Paper leak: कांग्रेस सरकार में हुए पेपर लीक के मामले में कई आरोपी नामजद होने के बावजूद बचते रहे। अब भजन लाल सरकार में ऐसे आरोपियों की धड़ाधड़ गिरफ्तारियां हो रही हैं।
Rajasthan Paper Leak: पेपर लीक मामलो में धड़ाधड़ा गिरफ्तारियां, एक और आरोपी दबोचा

Arrests in Paper Leak Cases in Rajasthan: प्रदेश में कांग्रेस सरकार में हुए पेपर लीक के मामले में अब तक कई आरोपी नामजद होने के बावजूद गिरफ्तार नहीं किए गए थे। अब सरकार बदलते ही भाजपा की भजन लाल सरकार में ऐसे आरोपियों की धड़ाधड़ गिरफ्तारियों शुरू हो गई हैं। शनिवार को एक और आरोपी को गिफ्तार किया गया।

एडीजी एसओजी-एटीएस और एसआईटी के मुखिया वीके सिंह ने बताया कि 6 दिसंबर 2020 को आयोजित कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इस मामले में कमिश्नरेट की सांगानेर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इस मामले में वांछित आरोपी जोबनेर निवासी यशपाल चौधरी को एसआईटी ने 6 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया।

तीन दिन में ही छह को आरोपियों को दबोचा

आरएएस भर्ती परीक्षा सहित पेपर लीक के अलग-अलग मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने अपने ऊंचे रसूखात के बल लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे आरोपियों धर-पकड़ शुरू कर दी है।

एसआईटी ने शनिवार को भी कनिष्ठ अभियंता भर्ती-2000 की परीक्षा में पेपर लीक करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी यशपाल चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। इसे मिलाकर एसआईटी पिछले तीन दिन में ही पेपर लीक प्रकरण में दो व्याख्याता, फिजीयोथेरेपिस्ट और रेलवे के जेईएन सहित ऐसे 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जो नामजद होने के बावजूद गिरफ्तारी से बचे हुए थे।

रसूखात के बल पर गिरफ्तारी से बचाता रहा

गिरफ्तार आरोपी यशपाल चौधरी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार मुकेश बाना और बलवरी सुंडा से परीक्षा से पहले ही पेपर खरीद लिया था, जिसे अभ्यर्थियों को बेच दिया था। बाना और सुंडा की गिरफ्तार के बाद यशपाल चौधरी को भी नामजद कर लिया गया था, लेकिन वो अपने रसूखात के बल पर गिरफ्तारी से बचा हुआ था। बता दें प्रदेश में कांग्रेस सरकार में हुए पेपर लीक के मामले में अब तक कई आरोपी नामजद होने के बावजूद गिरफ्तार नहीं किए गए थे।

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