VDO के चार साल में आठ तबादले, कोर्ट को देना पड़ा दखल

इस मामले को लेकर शोभाराम (Shobharam Jat) जब बार हाईकोर्ट (HighCourt) पहुंचे तब जाकर उसे अंतरिम राहत दी गई और न्यायाधीश रेखा बोराणा (Justice Rekha Barana) ने याचिकाकर्ता को वर्तमान पद से कार्यमुक्त करने के फैसले पर रोक लगा दी।
VDO के चार साल में आठ तबादले, कोर्ट को देना पड़ा दखल

जोधपुर (Jodhpur) में एक ग्राम विकास अधिकारी यानी की VDO के लगातार 8 बार तबादला होने का मामला सामने आया है। खबर के मुताबिक शोभाराम जाट (Shobharam Jat) जो कि इस पद पर कार्यरत है का 4 साल के अंतराल में ही 8 बार तबादला किया जा चुका है। जब आठवीं बार शोभाराम (Shobharam Jat) का तबादला बारकुए में किया गया तब VDO ने इस पर अपना रोष जताया। जहाँ इस तबादले का आधार प्रशासन ने वर्क अरेंजमेंट बताया तो वहीँ VDO ने इस पर बात करते हुए कहा की तबादला स्थानीय राजनीति के चलते किया जा रहा है।

यहीं नहीं शोभाराम जाट (Shobharam Jat) को इस बार एक अन्य ग्राम पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है। इस मामले को लेकर शोभाराम (Shobharam Jat)जब बार हाईकोर्ट (HighCourt) पहुंचे तब जाकर उसे अंतरिम राहत दी गई और न्यायाधीश रेखा बोराणा (Justice Rekha Barana) ने याचिकाकर्ता (Shobharam Jat) को वर्तमान पद से कार्यमुक्त करने के फैसले पर रोक लगा दी। बता दे की शोभाराम (Shobharam Jat) का ग्राम सेवक सीधी भर्ती 2016 के तहत चयन हुआ था। इसके बाद उसकी पहली पोस्टिंग 23 मार्च, 2018 को भोपालगढ़ (Bhopalgarh) के पंचायत समिति के गारासनी ग्राम पंचायत (Garasani Gram Panchayat) में हुई थी। इसके बाद से ही उसका लगातार हर साल तबादला किया गया।

सिंघम फिल्म (Singham) का एक डायलाग है तू ड्यूटी कर रे उंगल मत कर। शोभाराम (Shobharam Jat) के साथ भी इस मामले में ऐसा ही कुछ हुआ। बहरहाल ये वीडियो आपको कैसा लगा हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताये।

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