ड्रग इंस्पेक्टर का ये कैसा तर्क: रंगेहाथ ACB ने दबोचा तो बोली 'पैसा ऊपर तक देना होता है'

आरोपी निरीक्षक से जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि रिश्वत का पैसा ऊपर तक देना होता है, यदि नहीं दिया जाता है तो ट्रांसफर कर दिया जाता है। अब इस खुलासे के बाद एसीबी के अधिकारी रिश्वतखोरी में शामिल ड्रग विभाग के उन अधिकारियों के नाम आरोपी से जानने की कोशिश कर रही हैं, जिनको पैसा देने की बात उसने कही थी।
ड्रग इंस्पेक्टर का ये कैसा तर्क: रंगेहाथ ACB ने दबोचा तो बोली 'पैसा ऊपर तक देना होता है'

मेडिकल स्टोर की जांच नहीं करने पर रिश्वत मांगने वाली ड्रग इंस्पेक्टर सिंधु कुमारी को ACB जयपुर की टीम ने रंगेहाथ धरदबोचा तो उसने अजीब तर्क दिया कि पैसा ऊपर तक खिलाना पड़ता है। आरोपी निरीक्षक से जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि रिश्वत का पैसा ऊपर तक देना होता है, यदि नहीं दिया जाता है तो ट्रांसफर कर दिया जाता है। अब इस खुलासे के बाद एसीबी के अधिकारी रिश्वतखोरी में शामिल ड्रग विभाग के उन अधिकारियों के नाम आरोपी से जानने की कोशिश कर रही हैं, जिनको पैसा देने की बात उसने कही थी।

ACB के अनुसार 10 दिन पहले एक शिकायतकर्ता ने सिंधु कुमारी के खिलाफ शिकायत दी थी। उन्होंने एसीबी को बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर जबरन 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था। जब शिकायतकर्ता ने कहा मैडम रेट 5 हजार रुपए है तो सिंधु ने कहा, तेरी दुकान अच्छी चलती है। मैं तुझसे 10 हजार रुपये लूंगी। शिकायतकर्ता ने शिकायत में बताया कि वह ड्रग इंस्पेक्टर को पहले ही 5000 रुपये दे चुका है, लेकिन इंस्पेक्टर उसे ज्यादा पैसे देने के लिए प्रताड़ित कर रही थी। शिकायतकर्ता को आज सिंधु कुमारी ने जयपुर में बीटू बाईपास पर एक रेस्तरां में आने के लिए कहा। वहां पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने सिंधु के पैसे लेते ही उसे धरदबोचा।

सिंधु के नेटवर्क में 500 मेडिकल स्टोर
सिंधु कुमारी मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं। जांच में पाया गया कि सिंधु के नेटवर्क में 500 मेडिकल स्टोर हैं। दवा जांच से लेकर स्पेस जांच तक की रिस्पॉन्सिबिलिटी उसकी है। यह जांच हर तीन महीने में की जाती है। जांच में पता चला है कि एक-एक मेडिकल स्टोर की जांच नहीं करने के एवज में तीन माह में पांच हजार रुपये की वसूली की जा रही थी।
बड़े अधिकारियों से तार जुड़े हो सकते हैं
ACB से पूछताछ में सिंधु कुमारी ने ऊपर तक पैसे देने की बात कही है। अब एसीबी की जांच विभाग के उन अधिकारियों तक पहुंच सकती है, जिनके बारे में सिंधु कुमारी से जानकारी मिली है। एसीबी को पूर्व में भी ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ शिकायतें मिल चुकी हैं।
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