17 वीं लोकसभा का चुनाव देश के इतिहास में अबतक का सबसे महंगा चुनाव, करीब 60 हजार करोड़ रूपये खर्च होने का अनुमान

2014 में हुए लोकसभा के चुनावों से करीब दोगुना खर्च हुआ इस बार के चुनावों में...
17 वीं लोकसभा का चुनाव देश के इतिहास में अबतक का सबसे महंगा चुनाव, करीब 60 हजार करोड़ रूपये खर्च होने का अनुमान

नई दिल्ली – इस साल हुए लोकसभा के चुनाव इतिहास में अब तक के सबसे महंगे चुनाव थे, सात चरणों में आयोजित चुनावों में करीब 60 हजार करोड़ रूपये खर्च होने का अनुमान है। इस बार के चुनाव 75 दिनों तक चले।

सेंटर फार मीडिया स्टडीज ने लोकसभा चुनावों में हुए खर्च पर अपनी रिपोर्ट जारी की, रिपोर्ट में बताया गया है कि 542 सीटों पर हुए चुनावों में प्रत्येक लोकसभा सीट पर करीब 100 करोड़ रूपये का खर्चा आया है। जबकि प्रति वोटर लगाया जाए तो यह आंकडा करीब 700 रूपये प्रति वोटर होता है।

लोकसभा चुनाव 2019 में करीब 90 करोड़ वोटर थे। सेंटर फार मीडिया स्टडीज की रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस वर्ष लोकसभा चुनावों में 12 से 15 हजार करोड़ रूपये सीधे वोटरों को वितरित किये गये। दक्षिण भारत के कई राज्यों में वोटरों को दो-दो हजार रूपये रिश्वत के तौर पर दी गये। वही राजनीति दलों ने इस बार प्रचार में 20 से 25 हजार करोड़ रूपये खर्च किये।

चुनाव आयोग ने इस बार के लोकसभा चुनावों में करीब 10 से 12 हजार करोड़ रूपये खर्च किये।

2014 के चुनावों में करीब 30 हजार करोड़ रूपये खर्च हुए थे। जो इश बार बढ़कर दोगुना हो गया। इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनावों में 20 हजार करोड़ रूपये और 2004 के में 14 हजार करोड़ रूपये खर्च हुए थे।

1999 में लोकसभा चुनावों में 10 हजारऔर 1998 में 9 हजार करोड़ रूपये खर्च होना बताया गया था।

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