उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए 70 में से 32 सीटों के लिए राजस्थान के आठ विधायकों को जिम्मेदारी, कांग्रेस के 9 नेताओं को बनाया पर्यवेक्षक

फरवरी में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने राजस्थान के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी है. राजस्थान के 8 कांग्रेस विधायकों समेत 9 नेताओं को विधानसभा चुनाव के लिए जिला पर्यवेक्षक बनाया गया है. राजस्थान के नेताओं को 26 में से 9 जिलों का जिला पर्यवेक्षक बनाया गया है।
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए 70 में से 32 सीटों के लिए राजस्थान के आठ विधायकों को जिम्मेदारी, कांग्रेस के 9 नेताओं को बनाया पर्यवेक्षक

फरवरी में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने राजस्थान के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी है. राजस्थान के 8 कांग्रेस विधायकों समेत 9 नेताओं को विधानसभा चुनाव के लिए जिला पर्यवेक्षक बनाया गया है. राजस्थान के नेताओं को 26 में से 9 जिलों का जिला पर्यवेक्षक बनाया गया है।

फरवरी में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने राजस्थान के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी है

9 नेताओं को जिला पर्यवेक्षक बनाया गया है, जिन्हें उत्तराखंड की 70 में से 32 सीटों की जिम्मेदारी दी गई है. इसके मुताबिक करीब आधी सीटों की जिम्मेदारी राजस्थान के विधायकों और नेताओं के पास होगी. दो मंत्रियों को लोकसभा पर्यवेक्षक बनाया गया है। इस तरह उत्तराखंड में कुल 11 नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।

कांग्रेस विधायक प्रशांत बैरवा, दानिश अबरार, इंद्रराज गुर्जर, कृष्णा पूनिया, वेदप्रकाश सोलंकी, इंदिरा मीणा, चेतन डूडी, रफीक खान और पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को विधानसभा चुनाव के लिए जिला पर्यवेक्षक बनाया गया है. राज्य मंत्री भजनलाल जाटव और राजेंद्र यादव को लोकसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाकर दो लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है.

ज्योति खंडेलवाल और मंत्री भजनलाल जाटव को हरीश रावत के क्षेत्र का जिम्मा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे वरिष्ठ नेता हरीश रावत के क्षेत्र हरिद्वार में लोकसभा चुनाव के लिए मंत्री भजनलाल जाटव को हरिद्वार लोकसभा सीट के पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है. विधानसभा चुनाव में हरिद्वार शहर का पर्यवेक्षक पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल को बनाया है।

विधानसभा की टिकटों से लेकर चुनाव लड़वाने तक की जिम्मेदारी

जिन कांग्रेस विधायकों को जिला पर्यवेक्षक बनाया गया है, उनके पास विधानसभा चुनाव के टिकट के लिए उम्मीदवारों के लिए जनमत सर्वेक्षण कराने की पूरी जिम्मेदारी होगी, यहां तक ​​कि मैदान में चुनाव भी लड़ना होगा। जिला पर्यवेक्षक जिले की आगामी विधानसभा सीटों के लिए पूरी चुनावी रणनीति तैयार करेंगे। इन नेताओं पर प्रदेश प्रभारी व अन्य नेताओं से समन्वय की भी जिम्मेदारी होगी.

राजस्थान के नेताओं को लगातार मिल रही जिम्मेदारियां

राजस्थान इस समय कांग्रेस का सबसे महत्वपूर्ण राज्य बन गया है। बड़े राज्यों में राजस्थान ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां कांग्रेस की सरकार है, इसलिए यहां के नेताओं को अन्य राज्यों की तुलना में अधिक चुनावी जिम्मेदारी मिल रही है। हाल ही में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा को गुजरात का प्रभारी बनाया गया था।

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