राजस्थान लोकरंग उत्सव 2021; राजस्थान का मांगणियार लोक संगीत ने बांधा समां तो बालवृन्द रहा मुख्य आकर्षण का केंद्र

इस दौरान जेकेके कें मध्यवर्ती में राजस्थानी बाल कलाकारों ने मांगणियार बालवृन्द की सुंदर प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
राजस्थान लोकरंग उत्सव 2021; राजस्थान का मांगणियार लोक संगीत ने बांधा समां तो बालवृन्द रहा मुख्य आकर्षण का केंद्र

लोकरंग 2021

जयपुर के जवार कला केंद्र में लोकरंग 2021 चल रहा है। लोकरंग काफी लंबे समय से देश वासियों की पसंद रहा है। लोकरंग से भारत की सांस्कृतिक तस्वीर को देखा जा सकता है। लोकरंग भारत की संस्कृति की वो झलक है जिसमे सम्पूर्ण भारत की कलाओं को एक धागे में पीरों के रखता है।

जयपुर में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जवाहर कला केन्द्र (जेकेके) में चल रहे 11-दिवसीय 24वें 'लोकरंग-2021' के पांचवें दिन कलाकारों ने लोक कलाओं की खूबसूरत प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस दौरान जेकेके कें मध्यवर्ती में राजस्थानी बाल कलाकारों ने मांगणियार बालवृन्द की सुंदर प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। साथ ही राजस्थान का गैर आंगी की भी प्रस्तुति हुई। वही तेज ठण्ड के बीच दर्शको में कलाकारों का मनोबल बढ़ाया और तालियों के साथ जोश भरा।

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लोकरंग 2021

Summary

यह प्रस्तुतियां 22 दिसंबर तक आयोजित होंगीं।

वहीं आंध्र प्रदेश से आए कलाकारों ने टाईगर डांस और डप्पू प्रस्तुत किया। इसी के साथ महाराष्ट्र के कलाकारों ने लावणी, गोवा का धननगर नृत्य, असम का झूमर, गुजरात का गरबा, पश्चिम बंगाल का छाऊ नृत्य का प्रदर्शन किया गया। लोकरंग उत्सव के अंतर्गत रिदम ऑफ केरला कार्यक्रम में केरल के विभिन्न लोक संगीत और नृत्यों की प्रस्तुति की सीरीज के तहत सोमवार को केरल का मयूर नृत्य प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्तुतियां 22 दिसंबर तक आयोजित होंगीं।

यह प्रदर्शनी 26 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9.30 बजे तक खुली रहेगी।

इसी प्रकार से सोमवार को जेकेके के शिल्पग्राम में भी रंगारंग लोक प्रस्तुतियां आयोजित हुईं। जिसमें राजस्थान के कलाकारों ने अलगोजा, भपंग, तेजाजी, भोपा गायन, सहरिया, भवाई नृत्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश का बधाई नृत्य, आंध्रप्रदेश का गरगलू व टप्पेरा गुल्लू और कर्नाटक के ढोलू कुनीथा नृत्य की प्रस्तुति हुई। गौरतलब है कि जेकेके के शिल्पग्राम में राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला भी चल रहा है। इस मेले में देशभर के पुरस्कृत शिल्पियों द्वारा निर्मित कलात्मक हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है व ब्रिकी हो रही है। विजिटर्स के लिए यह प्रदर्शनी 26 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9.30 बजे तक खुली रहेगी। यह आयोजन जेकेके, कला एवं संस्कृति विभाग और रुडा (ग्रामीण गैर कृषि विकास अभिकरण) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

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