मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पर्यटन पर खास नजर,500 करोड़ का बजट किया पास

पर्यटन के क्षेत्र में राजस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने 500 करोड़ रूपए का पर्यटन विकास कोष बनाने का अहम निर्णय किया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पर्यटन पर खास नजर,500 करोड़ का बजट किया पास

मुख़्यमंत्री अशोक गहलोत

मुख़्यमंत्री अशोक गहलोत की नजर अब उद्योग जगत को बढ़ावा देने की है। नए साल पर गहलोत ने पर्यटन को देखते हुए उद्योग व्यवसाय को अत्यधिक बढ़ावा दिया है। गौरतलब है की कुछ दिनों पहले प्रताप नगर और मानसरोवर में चौपाटी का उद्धघाटन किया था। जिसमे रोजगार को पहली प्राथमिकता दी गयी थी। वही अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश के पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार समर्पित भाव से काम रह रही है। इसके लिए दूरगामी सोच के साथ कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए हैं। पर्यटन के क्षेत्र में राजस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने 500 करोड़ रूपए का पर्यटन विकास कोष बनाने का अहम निर्णय किया है। इस कोष से पर्यटक स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विकास, उनके संरक्षण तथा राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत ब्रांडिंग जैसे कार्य किए जाएंगे।

500 करोड़ का बजट पर्यटन और उद्योग जगत में काफी तेज रफ़्तार पकड़ेगा।

गहलोत प्रदेश के 5 प्रमुख पर्यटक स्थलों पर आकर्षक लाइट एंड साउंड शो के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जयपुर के प्रमुख धार्मिक स्थल गोविंद देव जी मंदिर परिसर स्थित जयनिवास उद्यान, मेड़ता में मीराबाई स्मारक, चित्तौड़गढ़ के विश्व विख्यात दुर्ग, धौलपुर के मचकुंड में आकर्षक लाइट एंड साउंड शो तथा जैसलमेर की ऎतिहासिक गड़सीसर झील में लेजर वाटर शो का लोकार्पण किया।

<div class="paragraphs"><p>मुख्यमंत्री अशोक गहलोत</p></div>

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

दुनिया के कई मुल्कों की अर्थव्यवस्था पर्यटन उद्योग पर निर्भर करती है।

गहलोत ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में राजस्थान की देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान है। बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक यहां की मनभावन संस्कृति, किलों, महलों, बावडियों तथा वाइल्ड लाइफ, डेजर्ट आदि से जुड़े आकर्षक स्थलों को देखने आते हैं। रोजगार में पर्यटन उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। लाखों लोगों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। दुनिया के कई मुल्कों की अर्थव्यवस्था पर्यटन उद्योग पर निर्भर करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक, वाइल्ड लाइफ, ट्राईबल, डेजर्ट पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए नए-नए सर्किट जोड़ने के साथ ही सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर विकास के कार्य किए जा रहे हैं। कोरोना महामारी से प्रभावित इस उद्योग को संबल देने में भी सरकार कोई कमी नहीं रख रही है।

कोविड के कारण पूरी दुनिया में वेलनैस टूरिज्म एवं इससे जुड़ी गतिविधियों का महत्व बढ़ा है। प्रदेश में भी इस टूरिज्म को प्रोत्साहित करने पर काम हो रहा है।

गहलोत ने कहा कि राज्य की नई पर्यटन नीति, पेइंग गेस्ट हाउस स्कीम, कोरोना की विषम परिस्थितियों से प्रभावित पर्यटन उद्यमियों को आर्थिक संबल देने के लिए मुख्यमंत्री संबल योजना, गाइडों का मानदेय तीन गुना तक बढ़ाने जैसे सकारात्मक निर्णयों से इस सेक्टर में आत्मविश्वास लौटा है। यह खुशी की बात है कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद प्रदेश के पर्यटक स्थानों पर सैलानियों की संख्या बढ़ी है। इसके बावजूद हमें मास्क पहनने, वैक्सीनेशन आदि सुरक्षात्मक उपायों को अपनाते हुए कोई ढिलाई नहीं बरतनी है।

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