केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का CM गहलोत पर तंज,पानी को सियासत का टूलकिट न बनाएं

कठिन इलाकों के लिए परियोजनाओं की समय-सीमा पूर्व में 30 से 48 माह थी, परन्तु अब इसे घटाकर 12 से 24 माह कर दिया गया है। इस कारण लक्ष्य को हासिल करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का CM गहलोत पर तंज,पानी को सियासत का टूलकिट न बनाएं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पानी को सियासत का टूलकिट न बनाएं।

राजस्थान में पानी की समस्या को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जल जीवन मिशन की समय सीमा बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र पर पलटवार किया है। शेखावत ने कहा कि सीएम गहलोत को अचानक जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन की याद आ रही है। उन्होंने कहा कि आपको समय पर केंद्र से आर्थिक समेत सभी संभव सहायता प्रदान की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पानी को सियासत का टूलकिट न बनाएं।

केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी सुस्ती केंद्र पर थोपने के बजाय सीएम मुझसे चर्चा कर लेते। मैं भी राजस्थान से हूं, आपके बराबर ही मुझे मरुभूमि की स्थिति-परिस्थिति का पता है।

मुख्यमंत्री ने pm मोदी कोपत्र में लिखा,कठिन इलाकों के लिए परियोजनाओं की समय-सीमा पूर्व में 30 से 48 माह थी, परन्तु अब इसे घटाकर 12 से 24 माह कर दिया गया है। इस कारण लक्ष्य को हासिल करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि पूरे देश में चल रहे मिशन के कार्यों के कारण परियोजना के घटकों की मांग में काफी वृद्धि हुई है। विशेष रूप से स्टील,डीआई एवं एचडीपीई पाइपों की मांग तेजी से बढ़ी है। इसके परिणामस्वरूप घटकों की आपूर्ति में अस्थिरता आई है, इस कारण से भी जल जीवन मिशन की परियोजनाओं की प्रगति धीमी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में सबसे बड़ा राज्य है और यहां की अतिविषम भौगोलिक परिस्थिति एवं छितराई हुई बसावट है। प्रदेश का दो-तिहाई हिस्सा मरूस्थलीय है तथा दक्षिण में पहाड़ी क्षेत्र है। ऎसे कठिन इलाकों के लिए परियोजनाओं की समय-सीमा पूर्व में 30 से 48 माह थी, परन्तु अब इसे घटाकर 12 से 24 माह कर दिया गया है। इस कारण लक्ष्य को हासिल करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।

राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में सबसे बड़ा राज्य है और यहां की अतिविषम भौगोलिक परिस्थिति एवं छितराई हुई बसावट है
राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में सबसे बड़ा राज्य है और यहां की अतिविषम भौगोलिक परिस्थिति एवं छितराई हुई बसावट है

चित्तौड़गढ़ के 648 गांवों को चम्बल नदी से पेयजल आपूर्ति की परियोजना

गहलोत ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि बारां, झालावाड़ एवं कोटा की परवन अकावद जलापूर्ति परियोजना, बाड़मेर जिले में नर्मदा नहर आधारित परियोजना के लिए राजस्थान ग्रामीण जलापूर्ति और फ्लोरोसिस शमन परियोजना (चरण-द्वितीय), झुन्झुनूं जिले के आईजीएमसी आधारित (सीपी-प्रथम) सूरजगढ़ और उदयपुरवाटी को नल द्वारा जल उपलब्ध करवाने हेतु योजना, जिला चित्तौड़गढ़ के 648 गांवों को चम्बल नदी से पेयजल आपूर्ति की परियोजना, ईसरदा-दौसा पेयजल जलापूर्ति परियोजना, नौनेरा जलापूर्ति परियोजना, चम्बल नदी से जलापूर्ति योजना जैसी वृहद् परियोजनाओं का कार्य 24 माह में पूर्ण होने की संभावना बहुत कम है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पानी को सियासत का टूलकिट न बनाएं।
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