यूपी में इस बार बीजेपी का पलड़ा हो सकता है भारीǃ , सामने आया सर्वे: राम मंदिर निर्माण माना जा रहा सबसे बड़ा गेम चेंजर

अब उत्तर प्रदेश में बीजेपी का नया पार होगा और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फिर से सरकार बनेगी | दरअसल ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि सामने आई एक सर्वे रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी को सीधा फायदा होता दिख रहा है।
यूपी में इस बार बीजेपी का पलड़ा  हो सकता है भारीǃ , सामने आया सर्वे: राम मंदिर निर्माण माना जा रहा सबसे बड़ा गेम चेंजर

अब उत्तर प्रदेश में बीजेपी का नया पार होगा और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फिर से सरकार बनेगी | दरअसल ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि सामने आई एक सर्वे रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी को सीधा फायदा होता दिख रहा है।

पांच राज्यों की स्नैप पोल सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक करीब 63.3 फीसदी लोगों का मानना ​​है कि राम मंदिर बनने से बीजेपी को राजनीतिक फायदा होगा, जबकि 39.7 फीसदी ने कहा कि इससे भगवा पार्टी को कोई फायदा नहीं होने वाला है।

सर्वेक्षण के अनुसार, 2019 के संसदीय चुनावों में भाजपा को वोट देने वाले 71.1 प्रतिशत मतदाता चाहते हैं कि योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में वापसी करें। वहीं कांग्रेस को वोट देने वाले करीब 48.2 फीसदी लोग भी राज्य में योगी की वापसी चाहते हैं। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी के 21.9 फीसदी, समाजवादी पार्टी के 16.9 फीसदी और 39.7 फीसदी अन्य लोगों ने भी यही मंशा जाहिर की है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कुल 47.2 प्रतिशत मतदाता योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल को बेहतर मानते हैं, जबकि 45.2 प्रतिशत का मानना ​​है कि सपा प्रमुख और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कार्यकाल बेहतर रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले विधानसभा चुनाव में कानून-व्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा होगा। इसके बाद बेरोजगारी (16.7%), मुद्रास्फीति, (14.7%), किसानों का विरोध (15.3%), राम मंदिर (14.1%), सामाजिक सद्भाव (3.3%), सड़कें, बुनियादी ढांचा और पानी (3.4%) और अन्य हैं। मुद्दे। % क्या होगा।
सर्वेयर द्वारा आगे दावा किया गया कि उक्त सर्वेक्षण राज्य के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में किए गए थे। जिनमें से प्रत्येक का नमूना आकार 3,571 था।

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