जूनियर साइंटिस्ट का 60 लाख वेतन, फिर भी रश्विखोरी ऐसी की नोट गिनते अधिकारियों के हाथ थके, अब तक 7 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

छापेमारी में अब तक नकद-30,30,860 रुपये। सोने चांदी के जेवरात–कीमत 8,18,725 रुपये। 21 बैंक खाते और चार बीमा पालिसी। 29 रजिस्ट्री के दस्तावेज- कीमत 1,75,54,203। दो मंजिला मकान-कीमत 37,50,000। तीन फोर व्हीलर्स और तीन टू व्हीलर्स - कीमत 50 लाख। 35 विक्रय अनुबंध, जिसमें 3,82,72,742 रुपए के जमीनी क्रय अनुबंध को जब्त किया जा चुका है।
जूनियर साइंटिस्ट का 60 लाख वेतन, फिर भी रश्विखोरी ऐसी की नोट गिनते अधिकारियों के हाथ थके, अब तक 7 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

मध्यप्रदेश (madhya pradesh) के सतना (satna) में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के साइं​टिस्ट सुशील कुमार मिश्रा (sushil kumar mishra) के घर पर अल सुबह ईओडब्ल्यू (Economic Offences Wing) की रेड पड़ी। बताया जा रहा है कि 32 साल की नौकरी में उन्हें 60 लाख रुपये का वेतन मिल रहा था। इसके बावजूद रिश्वतखोरी ने लालची बना दिया और इनकी ऊपरी कमाई करोड़ों में पहुंच गई।

बता दें कि रविवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के टीआई मोहित सक्सेना प्रवीण चतुर्वेदी की लीडरशिप में 25 सदस्यीय टीम ने उनके घर पर अचानक धावा बोला। कार्रवाई अभी भी जारी है। टीम ने सुबह छह बजे मिश्रा के घर की बैल बजाई... मिश्रा को जैसे ही इस बात की भनक लगी की उनके घर रेड पड़ी है... उनके पैरों तले जमीन खिसक गई... वे गश खा कर गिर पड़े।

शुरुआती कार्रवाई में करीब 28 लाख नकद, सतना स्मार्ट सिटी से सटे 7 एकड़ का फार्म हाउस और 25 लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी के जेवरातों की जब्ती हो चुकी है।

जूनियर साइंटिस्ट का 60 लाख वेतन, फिर भी रश्विखोरी ऐसी की नोट गिनते अधिकारियों के हाथ थके, अब तक 7 करोड़ की संपत्ति का खुलासा
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बताया जा रहा है कि सुशील कुमार मिश्रा के खिलाफ कलाधन जमा करने की लगातार शिकायतें आ रही थीं। जिसके बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने सतना के मारुति नगर स्थित गली नंबर 7 पर उनके घर पर छापेमारी कार्रवाई को अंजाम दिया।

कार्रवाई में 7 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता का खुलासा हुआ है। जांच भी जारी है ऐसे में यह संपत्ति और भी ज्यादा हो सकती है। जमीन के करीब 15 कागजात मिले हैं, जिसमें 7 एकड़ का फार्म हाउस भी शामिल है। मिश्रा के घर से 7 लग्जरी वाहन भी बरामद किए गए हैं। वहीं भोपाल में प्लॉट के कागजात भी मिले हैं। मामले में कार्रवाई की जा रही है और इसमें संपत्ति के अभी और खुलासे हो सकते हैं।

पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू वीरेंद्र कुमार जैन

सुशील कुमार मिश्रा
सुशील कुमार मिश्रा

लैब असिस्टेंट से पदोन्नत होकर बने थे जूनियर साइंटिस्ट

सुशील कुमार मिश्रा को 1990 में पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड में लैब असिस्टेंट के तौर पर नियुक्त किया गया था। फिर 2006 में उन्हें कैमिस्ट के पद पर पदोन्नत किया गया था। 2020 में, उन्हें जूनियर साइंटिस्ट के तौर पर प्रोमोट किया गया था। मिश्रा अपने वेतन से 60 लाख रुपये कमा लिया करते थे, लेकिन संपत्ति 7 करोड़ से ज्यादा निकली।

पटवारी बहू से भी हुए दस्तावेज

सुशील मिश्रा की बहू ज्योति मिश्रा 6 साल से सतना के रामपुर बघेलन में पटवारी हैं। इनके पास से कई दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। सुशील कुमार खुटाहा के पास गोरसारी गांव के रहने वाले हैं। उनके बड़े बेटे ज्ञानेंद्र मिश्रा ठेकेदार हैं। वहीं छोटा बेटा अनिल मिश्रा पढ़ता है।

अब तक हुए खुलासे में 7 करोड़ की संपत्ति में क्या क्या शामिल

नकद-30,30,860 रुपये। सोने चांदी के जेवरात–कीमत 8,18,725 रुपये। 21 बैंक खाते और चार बीमा पालिसी। 29 रजिस्ट्री के दस्तावेज- कीमत 1,75,54,203। दो मंजिला मकान-कीमत 37,50,000। तीन फोर व्हीलर्स और तीन टू व्हीलर्स - कीमत 50 लाख। 35 विक्रय अनुबंध, जिसमें 3,82,72,742 रुपए के जमीनी क्रय अनुबंध शामिल।

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