MP News: लोकसभा चुनाव से पहले MP में कांग्रेस की बढ़ेगी दिक्कतें, पार्टी छोड़ रहे नेता

Lok Sabha Chunav: मध्य प्रदेश में विस चुनाव हारने के बाद कांग्रेस के सामने एक बार फिर अपनों को रोके रखना ही चुनौती बन गया है। कई नेता पार्टी छोड़ बीजेपी ज्वाइन कर रहे हैं।
MP News: लोकसभा चुनाव से पहले MP में कांग्रेस की बढ़ेगी दिक्कतें, पार्टी छोड़ रहे नेता

Lok Sabha Election 2024: मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर कांग्रेस के सामने अपनों में भरोसा पैदा करने के साथ दल में रोके रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। जमीनी स्तर से लेकर राज्य स्तर तक के नेता भाजपा के संपर्क में हैं और वह पाला बदलने की तैयारी में हैं। बीजेपी के लिए यह स्थिति कांग्रेस विहीन बूथ के संकल्प को पूरा करने में मददगार साबित हो सकती है।

दरअसल, वर्तमान में राजनीतिक पार्टियां लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हुई हैं और उम्मीदवारों के चयन के दौर से गुजर रहे हैं। वहीं, अपने-अपने संगठन और जमीनी स्तर की स्थिति को मजबूत करने के लिए सभी तरह के दांव-पेंच आजमाने में पीछे नहीं है।

कांग्रेस के 21 जनपद सदस्यों बीजेपी में शामिल

लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बीजेपी ने तो पार्टी में आने वालों से संपर्क स्थापित करने के लिए न्यू ज्वॉइनिंग टोली तक बना दी है। इस टोली को पहली बड़ी सफलता बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के संसदीय क्षेत्र खजुराहो के पन्ना जिले में मिली। जहां के शाहनगर क्षेत्र के 21 जनपद सदस्यों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

कमलनाथ के करीबी अजय यादव भी BJP में

कांग्रेस के पूर्व मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अजय यादव ने 4 फरवरी को बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली। अजय यादव का शुमार पूर्म मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों में होती थी। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा के सामने अजय यादव ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। बकौल उनके वह बीजेपी की रीति नीति, केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनहितैषी नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी ज्वाइन की है। इस मौके पर मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व प्रवक्ता अजय सिंह यादव के अलावा वरिष्ठ पत्रकार, आईआईटी कानपुर की एलुमनाई डॉ. वनिता श्रीवास्तव ने भी बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की।

कांग्रेस के कई नेता बीजेपी के संपर्क में

स्टेट पॉलिटिक्स पर गौर करें तो पता चलता है कि कांग्रेस के कई बड़े नेता बीजेपी के संपर्क में हैं और वो कांग्रेस छोड़कर कभी भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं। इसकी बड़ी वजह भी है क्योंकि कांग्रेस के भीतर बड़े नेताओं के खिलाफ नाराजगी चल रही है और आपसी समन्वय का अभाव बना हुआ है।

हाल ही में मुरैना के पूर्व विधायक राकेश मवई भी बीजेपी में शामिल हुए हैं। इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह का भी पार्टी विरोधी बयान सामने आया है। कई और नेता भी इसी तरह की बयानबाजी करते रहे हैं। यही कारण है कि आने वाले समय में कई अन्य नेता भी भाजपा का हिस्सा बन सकते हैं।

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