8 माह के नवजात को अंधविश्वास की सजा : परिजन ने गर्म तार से दागा‚ हालत बिगड़ी‚ जानिए पूरा मामला

8 माह के नवजात को अंधविश्वास की सजा : परिजन ने गर्म तार से दागा‚ हालत बिगड़ी‚ जानिए पूरा मामला

राजसमंद जिले के आमेट थाना सर्किल के भातला गांव में 8 माह के मासूम को परिवार की वृद्ध महिला ने सात जगह से दाग दिया। जिसके चलते बच्चे की हालत बिगड़ गई हैं।

इनपुट - अंकुर सनाढ्य अंधविश्वास एक ऐसा कुआं है जिसके गहराई में जाते जाते इंसान अपने वास्तविक अस्तित्व से भटक जाता है। भीलवाड़ा जिले सहित मेवाड़ में अंधविश्वास ने अपनी जड़े इतनी गहराई तक फैली है कि मासूमों को इलाज के नाम पर दागने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।

ऐसा ही एक मामला राजस्थान के राजसमंद जिले स्थित आमेट थाना सर्किल के भातला गांव से सामने आया है‚ यहां 8 माह के नवजात को परिवार की वृद्ध महिला ने सात जगह से दाग दिया। जिसके चलते बच्चे की हालत बिगड़ गई हैं, जिसे इलाज के लिए भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया है। मासूम को सात बार दागने के चलते हालत नाजुक बताई जा रही है।

मासूम की हालत नाजुक

मातृ एवं शिशु चिकित्सालय के शिशुरोग विशेषज्ञ कुलदीपसिंह राजपूत ने कहा कि राजसमंद जिले के आमेट थाना सर्किल के भातला गांव से 8 माह का बच्चे को शुक्रवार को जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय लाया गया । बच्चे के पेट और शरीर पर सात जगह डाम लगे हुये थे । बच्चे को भर्ती कर चेकअप किया गया । उसकी हालत नाजुक बनी हुई है ।

सांस चढ़ने की बीमारी थी तो लोहे से दाग दिया

बाल कल्याण समिति सदस्य फारुख पठान ने बताया कि सूचना मिली कि 8 माह के मासूम को दागा गया है। बच्चे के माता पिता का बयान इस मामले पर दर्ज किया गया है।

मासूम के माता पिता का कहना था कि बच्चे को सांस चढने की बीमारी थी । ऐसे में बच्चे के शरीर पर 2 बार बीड़ी से और 5 बार लौहे के तार से डाम लगाए गए है।

वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गिरीश पांडे ने राजसमंद बाल कल्याण समिति को पत्र लिखा और मासूम को दागने वाली वृद्ध महिला के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है ।

समाज में जागरूकता की जरूरत

आज भी कितने ही गाँव और शहर है जहाँ अन्धविश्वास के चलते लोग अपनी जान तक की परवाह नहीं करते। अन्धविश्वास में इतने गिर जाते है की मासूमो की जान तक ले लेते है, अपने परिवार के लोगों को चोंट पंहुचा देते है। हमारे समाज में ऐसे कई कौशल है जो अन्धविश्वास के शिकार हुए है और लगातार होते आ रहे है। ऐसे में सबसे ज्यादा ज़रूरत है जागरूकता और सतर्कता की। हमारे आस पास भी कई ऐसी घटनाये होती रहती है।

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