UP Politics: समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका, 2 बार सांसद रहे कुंवर देवेंद्र सिंह यादव बीजेपी में हुए शामिल

UP Politics: यूपी में समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। लखनऊ में एटा लोकसभा के पूर्व सांसद और सपा के बड़े चेहरे देवेंद्र सिंह यादव ने बीजेपी का दामन थाम लिया है।
UP Politics: समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका, 2 बार सांसद रहे कुंवर देवेंद्र सिंह यादव बीजेपी में हुए शामिल

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों ऐलान हो चुका है। इसके साथ ही सियासी हलचल बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। लखनऊ में एटा लोकसभा के पूर्व सांसद और समाजवादी पार्टी के बड़े चेहरे देवेंद्र सिंह यादव ने बीजेपी का दामन थाम लिया है।

इस दौरान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक मौजूद रहे। कुंवर देवेंद्र सिंह यादव को मुलायम परिवार का करीबी माना जाता है। उन्होंने लखनऊ के पार्टी ऑफिस में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। सूबे में समाजवादी पार्टी को लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा झटका माना जा रहा है।

एटा सीट पर दिलचस्प हुआ समीकरण

इससे पूर्व समाजवादी पार्टी ने एट लोकसभा सीट पर बीजेपी के परंपरागत वोट माने जाने वाले शाक्य समाज से अपना प्रत्याशी उतार कर बीजेपी को संकट में डाल दिया था। लेकिन बीजेपी ने समाजवादी पार्टी का परंपरागत वोट माने जाने वाले यादव समुदाय में सेंध लगाते हुए यादव समाज के प्रभावशाली नेता देवेंद्र यादव को पार्टी में शामिल करा लिया है और एटा की लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है। समाजवादी पार्टी ने एटा से देवेश शाक्य को उम्मीदवार बनाया है।

देवेंद्र यादव का सियासी सफर

जिला कासगंज के अलीपुर बरवारा के रहने वाले देवेंद्र सिंह यादव ने अपनी सियासी जीवन की शुरुआत अलीपुर बरबारा गांव में पंचायत चुनाव जीतकर की थी। प्रधान बनने के बाद देवेंद्र यादव सोरो ब्लॉक के 3 बार प्रमुख भी रहे। साल 1979 में देवेंद्र यादव को पहली बार कांग्रेस पार्टी ने पटियाली विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। वो पार्टी के भरोसे पर खरे उतरे और विधायक चुने गए।

1984 में समाजवादी पार्टी से विधायक

कुंवर देवेंद्र सिंह साल 1984 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे. इस बार भी वो विधायक चुने गए। साल 1999 में समाजवादी पार्टी ने उनको एटा से सांसद बनाया। इसके बाद साल 2004 में भी समाजवादी पार्टी के सिंबल पर देवेंद्र यादव एटा से सांसद चुने गए। लेकिन साल 2009 लोकसभा चुनाव में वो कल्याण सिंह से हार गए। इसके बाद देवेंद्र यादव के लिए सियासी शिकस्त का दौर चल पड़ा. साल 2014 और साल 2019 आम चुनाव में कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह ने देवेंद्र यादव को हराया। अब देवेंद्र यादव का बीजेपी में चले जाना अखिलेश यादव और उनकी पार्टी के लिए झटका माना जा रहा है।

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