उत्तरकाशी बस हादसा: 26 तीर्थ यात्रियों की मौत, बिना रुके लगतार ट्रिप लगाना पड़ा भारी, ये बड़ी वजह आई सामने

इस हादसे के बाद घाटी वाले रास्ते पर किनारे ट्रैफिक (Traffic barrier) नहीं लगे होने से भी अकसर हादसे होते हैं। यदि ट्रैफिक बैरियर्स होते, तो बस इनसे टकराकर खाई में गिरने से बच जाती। खाई में बस गिरने से वो दो टुकड़ों में बंट गई और पैसेंजर उछलकर यहां-वहां गिरे।
उत्तरकाशी बस हादसा: 26 तीर्थ यात्रियों की मौत, बिना रुके लगतार ट्रिप लगाना पड़ा भारी, ये बड़ी वजह आई सामने
उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री मंदिर जा रहे रास्ते में रविवार शाम को बस(Uttarkashi bus accident) के गहरी खाई में गिर जाने से मध्य प्रदेश के 26 तीर्थयात्रियों की मौत के मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की शुरुआती जांच में बस के डाक्युमेंट्स देखे गए। बस के सभी डॉक्युमेंट्स सही निकले। ट्रिप कार्ड और ग्रीन कार्ड भी ओके निकला। लेकिन एक बात सामने आई है कि बस बिना रुके लगातार फेरे लगा रही थी।
बस का नंबर UK-04 1541 है। यह हरिद्वार से चली थी। थानाध्यक्ष पुरोला अशोक कुमार ने बताया- गहरी खाई और अंधेरे की वजह से शवों को सड़क तक पहुंचाने में दिक्कत हुई। उत्तराखंड के हादसे के बाद एम्बुलेंस के साथ मेडिकल की टीम भी मौके पर मौजूद है। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
आशंका है कि ड्राइवर को थकान आई होगी और एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे के बाद घाटी वाले रास्ते पर किनारे ट्रैफिक (Traffic barrier) नहीं लगे होने से भी अकसर हादसे होते हैं। अगर ट्रैफिक बैरियर्स होते, तो बस इनसे टकराकर खाई में गिरने से बच जाती। खाई में बस गिरने से वो दो टुकड़ों में बंट गई और पैसेंजर उछलकर यहां-वहां गिरे।
6 जून को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह खुद घटनास्थल पर गए हैं। इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने देहरादून के मैक्स अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। 3 घायलों को मैक्स अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। बता दें कि हादसे में मारे गए सभी पैसेंजर मप्र के पन्ना के रहने वाले थे।
पीएम मोदी ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपये की अहेतुक सहायता प्रधानमंत्री राहत कोष से देने का ऐलान किया है। सभी घायलों को पचास-पचार हजार रुपये पीएम रिलीफ फंड से मिलेगा। त्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसा की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं।
CM शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। उधर, पुष्कर सिंह धामी ने भी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक मदद का किया ऐलान किया है।
उत्तरकाशी जिला आपदा प्रबंधन( Officer Devendra Patwal) अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि दुर्घटना एनएच-94 पर दमटा से करीब दो किलोमीटर दूर हिमालय तीर्थ के रास्ते में रिखावु खड्ड के पास हुई। एडिशनल चीफ सेक्रेट्री राधा रतूड़ी ने बताया कि बस में ड्राइवर और हेल्पर के अलावा 28 यात्री सवार थे।
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल सचिवालय स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। उन्होंने उत्तरकाशी के जिलाधिकारी से राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने को कहा। धामी ने कहा, "संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मप्र के पन्ना जिले के कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि पीड़ितों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 07732-181 जारी किया है। हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे चालू रहेगा।
मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दिल्ली से उनकी सरकार का एक दल शवों को मध्य प्रदेश ले जाने और घायलों का इलाज सुनिश्चित करने की व्यवस्था देखने के लिए पहले ही उत्तराखंड के लिए रवाना हो चुका है। उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। चौहान ने कहा, "घायलों का इलाज हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया है।
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