गर्मियों में बढ़ जाता है UTI का खतरा, ऐसे बचे इन समस्याओं से

Madhuri Sonkar

गर्मियों में अक्सर कई सारी बीमारियां हमें अपना शिकार बना लेती हैं। चिलचिलाती धूप और तेज गर्मी में लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। इस मौसम में UTI लोगों को प्रभावित करती हैं। यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (Urinary Tract Infection) महिलाओं और पुरूषों को प्रभावित करती है।

गर्मियों में यूटीआई के बढ़ते मामलों की कई वजह हो सकती हैं, जिसमें डिहाइड्रेशन, ज्यादा पसीना आना आदि शामिल हो सकती है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे है कि ये किस वजह से होती है और कैसे इससे बचाव किया जा सकता है।

यूटीआई, जिसे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन भी कहा जाता है, किडनी, यूट्रस, ब्लैडर और यूरेथ्रा समेत यूरिनरी सिस्टम के किसी भी पार्ट में होने वाला इन्फेक्शन है। यह आमतौर पर तब होता है, जब बैक्टीरिया डाइजेस्टिव ट्रैक्ट से यूरेथ्रा के जरिए यूरिनरी ट्रैक्ट में एंट्री करता है। इसकी वजह से यूरिन करते समय दर्द या जलन की शिकायत होती है।

यूरिन करने की तीव्र और लगातार इच्छा। यूरिन के दौरान जलन होना, जल्दी पेशाब आना,तेज गंध वाला यूरिन आना, पेशाब में खून आना, पेडू में दर्द, पीठ और बाजू में दर्द और ठंड लगने के साथ बुखार आना इन समस्याओं में शामिल है।

गर्मियों के मौसम में अक्सर यूटीआई की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। जून, जुलाई और अगस्त साल के सबसे गर्म महीने होते हैं और इसी दौरान महिलाओं और पुरुषों में सबसे ज्यादा यूटीआई की समस्या देखने को मिलती है। हालांकि, पुरुषों की तुलना में महिलाओं को 30 गुना ज्यादा इसका सामना करना पड़ता है और इसका दवाओं से इलाज संभव है।

गर्मियों में ढीले-ढाले, सूती अंडरवियर और कपड़े चुनें, ताकि प्राइवेट एरिया को सूखा रखने और बैक्टीरिया के विकास को रोकने में मदद मिले। यूटीआई और एसटीआई के खतरे को कम करने के लिए इंटीमेट होने के तुरंत बाद यूरिन करें ताकि बैक्टीरिया बाहर निकल जाएं, जो यूटीआई का कारण बन सकते हैं।