Maternity Leave: सरोगेसी से मां बनने वाली महिलाओं को मिलेगा मातृत्व अवकाश

Madhuri Sonkar

महिला कर्मचारियों को मां बनने पर दफ्तर की तरफ से छह महीने का मातृत्व अवकाश मिलता है। अब ये सुविधा सेरोगेसी से मां बनने वाली सरकारी महिला कर्मचारियों को भी मिल सकेगी।

केंद्र सरकार ने मातृत्व अवकाश को लेकर लागू 50 साल पुराने नियम में संशोधन किया है। बता दें कि इसके पहले बच्चे को जन्म देने वाली मां को 6 महीने का मातृत्व अवकाश मिलता था। नियम में संशोधन होने से सरोगेसी से मां बनी महिलाओं को भी लाभ मिल सकेगा।

सेरोगेसी का मतलब किराए पर ली गई कोख के जरिए बच्चे को जन्म देना है। शाहरुख खान और गौरी खान के छोटे बेटे अबराम, प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस की बेटी मालती जोनस समेत कई सेलिब्रिटीज सरोगेसी को अपना चुके हैं।

केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियमावली 1972 में केंद्र सरकार ने हाल ही बदलाव किए हैं। नए बदलावों और नियम के मुताबिक, ऐसी महिला जो सरोगेसी के जरिए मां बन रही हैं, ( सरोगेसी के जरिए जन्मे बच्चे को पालने वाली मां) वह अपने बच्चे की देखभाल के लिए मैटरनिटी लीव ले सकती हैं।

इसके साथ ही पिता के लिए भी यह नियम लागू है। ऐसे पुरुष कर्मचारी जो सरोगेसी से पिता बने हैं, उन्हें बच्चे के जन्म की तारीख से 6 माह के भीतर 15 दिन का पितृत्व अवकाश मिल सकता है। इस तरह का नियम एकल पुरुष सरकारी कर्मचारियों के लिए राहतपूर्ण हो सकता है।

कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित नियमों के अनुसार, सरोगेट के साथ ही अधिष्ठाता मां (जन्म देने वाली और पालने वाली मां) को मातृत्व अवकाश का अधिकार है। नियम के मुताबिक, महिला कर्मचारी के दो से कम जीवित बच्चे होने चाहिए।